Month: November 2025

‘स्मार्ट सिटी योजना’ : पूंजी के लिए ‘प्राइवेट पार्टनर’

कुल जमा दस मिनट की बरसात में बाढग्रस्त हो जाने वाले, जल-मल निकासी के बजबजाते गटरों, टूटी-फूटी सडकों और बदहाल जलापूर्ति आदि से बदहवास शहरों को दस साल पहले स्मार्ट बनाने के मंसूबे बांधे गए थे। आज इस कारनामे को…

लोकतंत्र की तलाश : बिहार से लौटेगा या अमेरिका से?

लोकतंत्र की दुर्दशा से बेचैन भारतीय समाज एक ओर बिहार के चुनाव में बदलाव की उम्मीद देख रहा है, तो दूसरी ओर अमेरिका में उठे ‘नो किंग्स’ आंदोलन से प्रेरणा ले रहा है। जब सत्ता पूंजी के कब्जे में और…

‘एक कदम गांधी के साथ पदयात्रा’ : संविधान और सद्भाव का संदेश लेकर आगे बढ़ती पदयात्रा

सर्व सेवा संघ की पदयात्रा — वाराणसी राजघाट से दिल्ली राजघाट तक पदयात्रा का  32वां दिन मुरादगंज (औरैया), 2 नवम्बर। सर्व सेवा संघ द्वारा आयोजित ‘एक कदम गांधी के साथ’ पदयात्रा रविवार को अपने 32वें दिन साईं धर्मशाला से प्रस्थान…

इंदौर में सजेगा शब्दों और सुरों का रंगमंच : 11वां लिटरेचर फेस्टिवल 14 से 16 नवंबर तक

इंदौर, 2 नवबंर। साहित्य,  कला और संस्कृति के सबसे जीवंत और चमकदार उत्सव “इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल” का 11वां सीजन आगामी 14-15-16 नवंबर को होने जा रहा है। अपने स्तरीय आयोजनों से यह फेस्टिवल देश ही नहीं दुनिया भर में इंदौर…

नदी संसद-एक अनोखा संगम

हाल ही में मैं एक नदी संसद का साक्षी था, जहां दक्षिण एशिया की नदियाँ अपने साझा संकटों पर चर्चा करने जुटी थीं। इस अनोखे संगम की मेजबानी नर्मदा ने की, जो पूरे क्षेत्र की नदियों से समान दूरी पर…

मारिया कोरिना माचाडो : आलू के बोरे से बदतर हुआ, शांति का नोबेल

वर्ष 1964 में साहित्य के नोबेल को ठुकराते हुए ज्यां पॉल सात्र ने तो उसे ‘आलू के बोरे’ का दर्जा दिया था, लेकिन छह दशक बाद 2025 में वेनेजुएला की जिन मारिया कोरिना माचाडो को शांति का नोबेल दिया गया…