Month: September 2025

बेहूदे विकास से उपजे भूकंप 

अभी कुछ दिन पहले अफगानिस्तान और उसके कुछ पहले रूस में आए तीखे भूकंपों की खबरें हमारे अपने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में जानलेवा बाढ़ के मौजूदा हालात इस लिहाज से मिलते-जुलते दिखाई देते हैं,…

अट्ठारह राज्यों की 2.5 लाख छात्राओं के लिए वर्ष 2025-26 की अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति की प्रक्रिया शुरू

वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई भोपाल, 11 सितंबर । अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन के जिला संस्थान द्वारा वार्षिक कार्यक्रम “सफ़र –शिक्षा से समाज तक” का आयोजन भोपाल में संयोजित किया गया।…

आचार्य विनोबा भावे : आश्रम जीवन से सर्वोदय की ओर

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी आचार्य विनोबा भावे स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम सत्याग्रही, भूदान-ग्रामदान आंदोलन के प्रवर्तक और ग्रामस्वराज के सशक्त प्रवक्ता रहे। महाराष्ट्र के गगोडा गाँव में जन्मे विनोबा ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, दलित उत्थान और सामाजिक सुधार…

भूदान से जयजगत तक : विनोबा भावे की प्रासंगिक विरासत

11 सितंबर को आचार्य विनोबा भावे की 130वीं जयंती पर हम उस महापुरुष को स्मरण करते हैं, जिसने सत्य, अहिंसा और सेवा को जीवन का मूलमंत्र बनाया। “जय जगत” का उनका संदेश विश्वबंधुत्व, न्याय और समता पर आधारित था। भूदान…

विनोबा जयंती : सरकार नियामत नहीं बरसाती

विनोबा भावे की जयंती हमें याद दिलाती है कि सत्ता की राजनीति से ऊपर उठकर सेवा ही जीवन का सच्चा उद्देश्य है। उनका विचार था कि गांव का भला गांव के लोगों के हाथ में है, न कि केवल सरकार…

मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी से बढ़ती आत्महत्या की त्रासदी

विश्व स्वास्थ्य संगठन और इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रिवेंशन की पहल पर प्रतिवर्ष 10 सितम्बर को ‘विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’ मनाया जाता है। आत्महत्या जैसे गंभीर मसले पर जागरूकता बढ़ाने और संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए इस वर्ष की…

पंजाब : बाढ़ के समय बांध से पानी छोड़ा जाना काल बन गया

भारत में बांधों को सिंचाई, बिजली और बाढ़ नियंत्रण का जरिया माना जाता है, लेकिन हालिया अनुभवों ने उनकी सीमाएँ उजागर कर दी हैं। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की बारिश से भाखड़ा, पौंग और रंजीत सागर बांधों से छोड़े गए पानी…

बारूद के एक ढ़ेर पर बैठी है, ये दुनिया

दुनिया के लगभग सभी प्रमुख धर्मों में प्रलय की अवधारणा मौजूद है, लेकिन सचराचर जगत के शून्य हो जाने की यह प्रक्रिया कैसे होती है, इस पर कोई विस्तृत आख्यान दिखाई नहीं देता। अलबत्ता, आज की दुनिया और उसके अलमबरदारों…

समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की जरूरत

भारत में समाजवाद : संभावनाएं एवं चुनौतियां विषय पर कॉमरेड होमी दाजी जन्मशताब्दी वर्ष पर स्मृति राष्ट्रीय संवाद इंदौर, 5 सितम्बर। पूर्व सांसद एवं जननेता कॉमरेड होमी एफ. दाजी की जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत के अवसर पर आज इंदौर के…

अंतर्राष्‍ट्रीय : अब की बार ट्रंप का वार

इस हफ्ते भारत से अमरीका को निर्यात होने वाले सामानों पर ‘टैरिफ’ के नाम से लगाए गए भारी-भरकम शुल्कों ने हमें बदहवास कर दिया है। नतीजे में हमारी विदेश नीति तरह-तरह के कौतुक दिखा रही है, लेकिन क्या इस गफलत…