बरसों-बरस के अनुभव और तौर-तरीकों से विकसित हुई कृषि पद्धतियों में उत्तराखंड सरीखे पहाडी इलाकों की ‘बारहनाजा’ पद्धति भी है जिसमें स्थानीय संसाधनों, बीजों और पौष्टिकता से भरपूर उत्पादन इंसानों, पशुओं और जीव-जन्तुओं का पेट भरती है। खेती-किसानी के आर्थिक…
स्मृति शेष यदि आप जैसलमेर की किसी भी गली में यह पूछें कि क्या किसी ने गोडावण देखा है, तो जवाब में राधेश्याम विश्नोई Radheshyam Pemani Bishnoi का नाम अवश्य सुनने को मिलेगा। गोडावण, यानी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड—वह दुर्लभ पक्षी,…
इन दिनों शीतलपेय की आक्रामक मंडी थोड़ी ठंडी दिखाई दे रही है। हर साल की तरह भांति-भांति के शीतलपेय बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए बाजारों में नहीं आए हैं। कहा जा रहा है कि इसकी वजह एक नया, जमा-जमाया…
जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं अब सिर्फ पर्यावरणीय नहीं, बल्कि मानवीय संकट बन चुकी हैं। पिछले एक दशक में दुनिया भर में करोड़ों लोग बाढ़, सूखा, तूफान और समुद्र स्तर बढ़ने के कारण अपने घरों से उजड़ चुके हैं। विशेष…
हाल ही में केन्द्र सरकार ने बहु-चर्चित जाति जनगणना की तारीखों की घोषणा कर दी है। विपक्षी दलों की इस प्रमुख मांग पर भारी ना-नुकुर के बाद हामी भरने वाली सत्तारूढ़ भाजपा इसे चुनावी जीत की गारंटी मानती है, लेकिन…
कौसानी, उत्तराखंड, 9 जून। Youth for Truth’ के तत्वावधान में 7 से 9 जून 2025 के बीच कौसानी के ऐतिहासिक अनासक्ति आश्रम में त्रिदिवसीय गांधी विचार चिंतन शिविर सम्पन्न हुआ। इस शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा…
दुनिया भर में यह दौर युद्धों का है जिसमें माना जाता है कि भिन्न या विपरीत विचारों और उन पर आधारित देशों को समाप्त हो जाना चाहिए। राष्ट्रवाद, महानता आदि की आड में लड़े जा रहे युद्धों ने व्यक्तिगत स्तर…
देशभर से जुटे गांधीवादी और युवा कार्यकर्ता के बीच पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कौसानी, उत्तराखंड | 9 जून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कौसानी में शराबबंदी की माँग को अपना समर्थन देते हुए सोमवार को चेतावनी दी…
कौसानी में Youth for Truth कार्यशाला का शुभारंभ कौसानी, 8 जून। कौसानी के अनासक्ति आश्रम में गॉंधीजनों के Youth for Truth कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए गांधीवादी विचारक पद्मश्री राधा बहन भट्ट ने युवाओं से आह्वान किया कि वे डर…
रतलाम, 8 जून। पर्यावरण विषयक राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका ‘पर्यावरण डाइजेस्ट’ पर प्रस्तुत शोधकार्य के लिए दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, बोधगया ने शोधार्थी रूचि कुमारी को डॉक्टरेट (पीएच.डी) की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने “पर्यावरण विमर्श के विकास में पर्यावरण…