अंग्रेज सेना के एक मामूली सिपाही शिशिर सर्बाधिकारी की डायरी न सिर्फ ‘प्रथम विश्वयुद्ध’ के प्रत्यक्ष अनुभवों और नायाब जानकारियों को उजागर करती है, बल्कि उस दौर के इतिहास को एक भिन्न नजरिए से पेश करती है। हिन्दुस्तानी सैनिक ब्रिटिश…
भारत की अर्थव्यवस्था एक नाज़ुक मोड़ पर है। आज हम जो रास्ता चुनेंगे वो आने वाले कई सालों तक हमारे भविष्य को दिशा देगा। न केवल भविष्य, बल्कि लाखों नागरिकों का वर्तमान भी इस बजट पर निर्भर है। आशा करते…
‘झेन आर्ट ऑफ मोटर-साइकल मेंटीनेंस’ किताब के लेखक जिस तरह मशीनों के मिस्त्री को कविता से जोडकर देखते हैं, ठीक उसी तरह देश के ख्यात वैज्ञानिक होमी भाभा ने परमाणु-विज्ञान सरीखे गरिष्ठ विषय पर अपनी मेधा को संभवत: पेड-पौधों से…
रोजमर्रा के आमफहम जीवन को फिलहाल छोड भी दें तो महात्मा गांधी की ‘जयन्ती’ और ‘पुण्यतिथि’ की सालाना कवायद पर हम आम लोग कैसा महसूस करते हैं? ‘सप्रेस’ ने यही सवाल अपने एक वरिष्ठ साथी से किया। प्रस्तुत है, अपने…
आजकल लौट-लौटकर यह बात पुख्ता होती जा रही है कि मौजूदा संकटों से निपटने में गांधी की भूमिका अहम हो सकती है। आज के राजनीतिक हालातों को ही देखें तो गांधी की वसीयत से कुछ सुझाव सीखे-समझे जा सकते हैं।…
बेशर्मी से केन्द्रित होती पूंजी और व्यापक रूप से फलती-फूलती गरीबी ने हमारे यहां जिस तरह की अश्लील गैर-बराबरी को खडा कर दिया है उससे निपटने की तजबीज आखिर कौन देगा? ‘ऑक्सफैम’ सरीखे वैश्विक एनजीओ मानते हैं कि अकूत सम्पत्ति…
विकास के नाम पर आजकल जिस तरह के धतकरम जारी हैं उनसे चहुंदिस बर्बादी और विनाश ही उपजता दिखाई दे रहा है। इन दिनों उत्तराखंड का ऐतिहासिक नगर जोशीमठ इसी विकास की चपेट में कराह रहा है। ऐसे में क्या…
आपसी व्यापार-धंधे के चलते दुनियाभर के देशों ने तरह-तरह के समूह बनाए हैं। इन समूहों में कई बार गरीबी, प्रदूषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि को लेकर बातचीत और उन्हें बेहतर करने की पहल होती रहती है। इन दिनों जी-20 समूह के…
वैकल्पिक सिनेमा और राजनीति के चर्चित हस्ताक्षर केपी शशि अभी कुछ दिन पहले हमें सदा के लिए छोडकर गए हैं। ‘सर्वोदय प्रेस सर्विस’ के साथ उनकी अनेक यादें जुडी हैं। प्रस्तुत है, केपी शशि का संक्षिप्त परिचय देता यह लेख।…
इन दिनों शाहरुख खान-दीपिका पदुकोण की फिल्म ‘पठान,’ हीरोइन द्वारा पहनी गई बिकिनी के भगवा रंग के कारण बवाल में है, लेकिन क्या यह केवल किसी खास रंग के मामूली बित्तेभर कपडे भर की बात है? क्या इस फिल्म ने…