26 जून, 1922 को इन्दौर में जन्मे राहुल बारपुते का ‘जन्म शताब्दी वर्ष’ इन्दौर में मनाया गया। साहित्य, कला, संगीत, वास्तु-शिल्प, नाटक और शिल्पकला के दिग्गजों से राहुलजी की प्रगाढ़ मैत्री थी, लेकिन राहुलजी ने अपने आपको सम्मान पुरस्कार और…
आज़ाद भारत की इन 75 वर्षों की यात्रा बहुत रोमांचक, उत्तेजक, आह्लादक और प्रेरक रही है। लम्बी पराधीनता के बाद स्वाधीन हुए देश के सामने अनगिनत चुनौतियां थीं। यह देश का सौभाग्य है कि इसे अपने स्वाधीन होने के तुरंत…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 22 को नामीबिया से लाए पिंजरों में बंद आठ चीतों को रिमोट से द्वार खोल, कूनो के जंगलों में स्वच्छंद विचरण के लिए खुला छोड़ दिया। फिलहाल ये चीते पांच किमी व्यास के बाड़े…
कहा जाता है कि राजनीति का कुल मतलब ‘रोटी’ और ‘सर्कस’ होता है, लेकिन लगता है, मौजूदा सत्ता केवल ‘सर्कस’ को ही अहमियत दे रही है। नतीजे में एक तरफ भुखमरी, बेरोजगारी, बीमारी जैसी व्याधियां हैं, तो दूसरी तरफ, रोज…
पिछले साल राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर सालभर से ज्यादा धरना-रत रहे किसानों ने सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में अब एक फिर आंदोलन का मन बनाया है। इसमें सत्तारूढ़ ‘भाजपा’ से जुडे ‘भारतीय किसान संघ’ ने अगुआई का तय…
नर्मदा घाटी में संवाद यात्रा का आरंभ जीवन नगर 15 सितंबर। “नर्मदा बचाओ आंदोलन ने सही विकास की नई परिभाषा देश, दुनिया को दी है। एक लोकतांत्रिक, अहिंसक आंदोलन का आदर्श निर्माण किया है। हम नक्सलवाद को नहीं मानते, लेकिन…
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में सन 1987 से भील और भिलाला समुदाय के उत्थान के लिए काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश देसाई को वर्ष 2022 के लिए प्रतिष्ठित जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। नीलेश को यह…
भांति-भांति की असंख्य विविधताओं वाले भारत में आपस के संवाद के लिए एक सामान्य भाषा की जरूरत आजादी के पहले से महसूस की जा रही थी। महात्मा गांधी हिन्दी को सम्पर्क, संवाद की राष्ट्रभाषा मानकर इस जरूरत को पूरा करना…
साठ के दशक में लाई गई ‘हरित-क्रांति’ ने बेहद सीमित, खासकर गेहूं-चावल की, फसलों को बेतरह बढ़ावा दिया था, लेकिन इसने कई पौष्टिक, कम लागत की आसान फसलों को दरकिनार कर दिया था। क्या आज के दौर में फिर से…
क्रेडिटसाइट्स के एक अध्ययन से पता चला है कि भारतीय बैंकों के कुल ऋण का 45% कॉरपोरेट ऋण है। अगर ये ऋण न चुकाये जाएँ तो ये अपने साथ कई बैंकों को डुबो देंगे। इसके बावज़ूद, सरकारी बैंक भी कॉरपोरेट…