Month: October 2022

डॉ. कलाम : पृथ्वी ही आपके भविष्य की दुनिया है

देश के पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सहृदय, मृदुभाषी, सरल एवं ईमानदार होने के साथ-साथ पेड़ों एवं पशु-पक्षियों के प्रेमी भी थे। सन् 1989 में डॉ. कलाम के नेतृत्व में बनी ‘अग्नि मिसाइल’ की सफलता पूर्वक लान्चिंग पर…

लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने पूछा था :आंदोलन क्या बूढ़े चलाएँगे ?

जेपी एक ऊर्जा थे ,रोमांच थे, आत्मीयता से भरी हुई एक प्रतीक्षा थे।आज़ादी के इतिहास को नए सिरे से लिखने की क्रूरता जब किसी दिन थक कर पस्त हो जाएगी, आइंस्टीन जैसा ही कोई संवेदनशील वैज्ञानिक विनोबा और जेपी जैसे…

विकास के बरक्स ‘यू-टर्न’ की युक्ति

विकास का मौजूदा मॉडल दरअसल विनाश को न्यौतता है, यह बात कोई दबी-छिपी नहीं रह गई है। ऐसे में कैसे हम अपने जीवन को जीने लायक बनाए रखें? हाल में बिज़नेस न्यूज-चैनल पर एक विज्ञापन देखा जिसमें बताया गया था…

सत्ता को सीमा बताने वाले, जेपी

हमारे समय में ऐसे कई महानायक हुए हैं जिन्होंने इतिहास की धारा को बदलने के प्रयास किए हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति लोकनायक जयप्रकाश नारायण रहे हैं जिनकी अगुआई में देश में तानाशाही की पहली कोशिश को सफलतापूर्वक रोका गया…

गांधी के सपनों से कोसों दूर उनका अपना देश

गांधी जयंती पर विशेष   गांधी जी सही अर्थ में महात्मा थे। संसार के बहुत कम लोग इस अर्थ में महान हुए हैं, जिस अर्थ में मोहनदास करमचंद गांधी। वे महान पैदा नहीं हुए थे, न ही महानता उनपर थोपी…

महात्मा गांधी 153वां जन्मदिवस : हमारे दौर का ‘हिन्द स्वराज’

गाँधी की बात की जाए और ‘हिन्द स्वराज’ की बात न हो, यह मुमकिन नहीं। एक तरह से गांधी विचार का सारतत्व उम्र के चालीसवें साल में लिखी उनकी इसी छोटी सी पुस्तिका में है, लेकिन क्या ‘हिन्द स्वराज’ आज…