Month: March 2022

गांधी का ‘नमक सत्याग्रह’: शक्ति के खिलाफ अधिकार की लडाई

बॉम्बे सर्वोदय मंडल और गांधी रिसर्च फॉउन्डेशन अभी 12 मार्च को गुजरी 92 वीं सालगिरह के बाद, आज भी ‘नमक सत्याग्रह’ हमारे इतिहास के उस मोड की याद दिलाता है जिसने आजादी के अहिंसक आंदोलन को एक नई जीवनी प्रदान…

चैक अनादरण के कानून को प्रभावी बनाना आवश्‍यक

चैक अनादरण पर प्रस्तुत होने वाले फौजदारी प्रकरण वर्तमान में चिंता का विषय है। इन प्रकरणों के निराकरण में लगने वाले समय में इस कानून के प्रावधानों को प्रभावहीन बना दिया है। दिवानी प्रकरणों में लगने वाले समय के समान…

रूस-यूक्रेन संघर्ष : हथियारों के धंधे की खातिर लड़ा जाता युद्ध

भले ही गरम पानी के समुद्री रास्ते की रूस की जरूरत, यूक्रेन के ‘नाटो’ में जाने, ना जाने देने की जिद और अमरीका-रूस की पारंपरिक दुश्मनी रूस-यूक्रेन के मौजूदा युद्ध की वजहें हों, लेकिन ध्यान से देखें तो इसके पीछे…

वरिष्‍ठ गांधी विचारक जयवंत मठकर नहीं रहे, सर्वोदय समाज ने एक सजग और सहज कार्यकर्ता खो दिया

वर्धा। सेवाग्राम आश्रम प्रतिष्ठान के पूर्व अध्यक्ष जयवंत गंगाराम मठकर का 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे पिछले दो महीने से बीमार थे। उन्होंने सोमवार 14 मार्च 2022  को पुणे में अंतिम सांस ली, मंगलवार सुबह…

जंगलों के बाहर वृक्षों के विकास के लिए रोडमैप हुआ जारी

विश्व संसाधन संस्थान भारत  द्वारा जारी रिपोर्ट अगर किसान जंगलों के बाहर वृक्षारोपण की प्रथा को बढ़ावा दें तो उन्हें सात प्रकार के मौद्रिक और तीन प्रकार के गैर-मौद्रिक प्रोत्साहन लाभ मिल सकते हैं। इन लाभों में शामिल है इनपुट…

एक मुट्ठी नमक से हिल गया था ब्रिटिश साम्राज्यवाद

92 वां दांडी मार्च दिवस दांडी मार्च से अभिप्राय उस पैदल यात्रा से है, जो महात्मा गाँधी और उनके स्वयं सेवकों द्वारा 12 मार्च, 1930 को प्रारम्भ की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था- “अंग्रेज़ों द्वारा बनाये गए ‘नमक क़ानून…

शोध अध्‍ययन : राष्ट्रीय पक्षी बाल्ड ईगल में सीसा विषाक्तता

गैर-मुनाफा संगठन कंज़रवेशन साइंस ग्लोबल के जीव विज्ञानी विन्सेंट स्लेब और उनके सहयोगियों ने 8 वर्षों तक 1210 बाल्ड और गोल्डन ईगल के ऊतक एकत्रित किए। लगभग 64 प्रतिशत बाल्ड ईगल और 47 प्रतिशत गोल्डन ईगल में दीर्घकालिक सीसा विषाक्तता…

हमारा पैसा हमारा हिसाब : डिजिटल मुद्रा

भारत में डिजिटल लेनदेन में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालाँकि यहाँ एक बड़ा हिस्सा इसके बारे में बिल्कुल भी समझ नहीं रखता है, लेकिन सरकार अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल लेनदेन के लिए बाध्य करने के नये तरीके लेकर…

समग्र शिक्षा : हम लक्ष्य से हटकर, उल्‍टी दिशा में चलने लगे

पिछले कुछ सालों में, कोविड महामारी के चलते हमारे देश की शिक्षा सर्वाधिक प्रभावित हुई है, लेकिन आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक संसाधनों को लगाकर उसे वापस चुस्त-दुरुस्त करने की बजाए हमारी सरकारें उसका बजट घटाने में लगी हैं। केंद्रीय बजट…

शराब से आदिवासियों का उत्‍थान : बड़े खतरे हैं इस राह में

मध्यप्रदेश हेरिटेज (पारंपरिक) शराब नीति 2022 में आदिवासियों को महुए की शराब बनाए जाने को अनुमति दी गई है। फिलहाल, महुआ से शराब बनाया जाना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डिंडोरी और आलीराजपुर में लागू होगा। जहां तक पारम्परिक शराब…