Month: May 2020

‘जय जगत यात्रा’ के दौरान आर्मीनिया के राष्ट्रीय सभा में गाँधी प्रतिमा की भेंट

सप्रेस ब्‍यूरो वैश्विक स्‍तर पर महात्मा गांधी के संदेशों को पूरी दुनिया में फैलाने के लिए दिल्ली के राजघाट से दो अक्टूबर को ‘जय जगत यात्रा’ पर निकले गांधीवादी, एकता परिषद के संस्थापक एवं जय जगत यात्रा के संचालक श्री…

आर्थिक हित पोषक बनने के स्थान पर शोषक बन जाते है, तब कोरोना जैसे प्रलय की घंटी

कोरोना के बाद विश्‍व को टिकाने का रास्ता प्रकृति अनुकूलन ही है। प्रकृति के विपरीत समाजवाद में भी पूंजी की परिभाषा अच्छी नहीं थी, इसलिए पूंजीवाद और समाजवाद दोनों में ही प्राकृतिक आस्था नहीं है और प्राकृतिक संरक्षण सिमटा है। जब भी विश्‍व में प्रकृति के विपरीत ही सब काम होने लगे तो प्रकृति का बडा हुआ क्रोध महाविस्फोट बनता है और उससे प्राकृतिक आपदाएं निर्मित होती है। कोरोना को आपदा भी मान सकते है। महामारी केा प्रलय भी कहा जा सकता है। भारत इस महामारी से अपने परंपरागत ज्ञान आयुर्वेद द्वारा बहुत से कोरोना प्रभावितों को स्वस्थ बना सका है। बहुत लोगों के प्राण बचे है। इस आधुनिक आर्थिक तंत्र ने आयुर्वेद जैसी आरोग्य रक्षण पद्धति को सफल बनने का मौका ही नहीं दिया गया। उसने आर्थिक लाभ के लिए केवल चिकित्सा तंत्र को ही बढावा है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तरफ लौटने का वक्त

सुरेंद्रसिंह शेखावत कोविड-19 से बचने के लिए लगाए गए ‘लॉक डाउन’ के तीसरे चरण में यह सवाल उठना लाजिमी है कि अब कोरोना के बाद क्‍या? आजादी के सत्‍तर सालों में हमने उद्योग, शहरीकरण और मशीनीकरण का उपयोग करके देख…

कोरोना समाचार

कोरोना से कम प्रभावित हैं वनों से आच्‍छादित मध्‍यप्रदेश के जिले

वन विभाग की अध्ययन रिपोर्ट : मध्यप्रदेश में है देश का सर्वाधिक वन क्षेत्र  मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा कोरोना को लेकर किये गये अध्ययन की रिपोर्ट से एक महत्पूर्ण तथ्य सामने आया है। कोरोना को ध्यान में रखते हुए प्रदेश…

समाचार

‘किसान को सम्मान दो – किसानी को मान दो’

16 और 27 मई को होगी  234 किसान संगठनों  की देशव्यापी कार्यवाही अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (AIKSCC) ने  16 मई को लॉक डाऊन सावधानियों का पालन करते हुए अपने घरों के आंगनों और छतों तथा 27 मई को गांव/ग्राम पंचायत…

बीजासन घाट में फंसे हज़ारों मजदूरों को झेलनी पड़ रही प्रशासनिक अव्यवस्था

जागृत आदिवासी दलित संगठन ने भेजे मुख्यमंत्री को मजदूरों हित में सुझाव   बड़वानी जिले में सेंधवा के बीजासन घाट में रोज महाराष्ट्र सरकार द्वारा निरंतर फंसे मजदूरों को भेजा जा रहा है लेकिन लॉकडाउन में फंसे इन मजदूरों को मध्य प्रदेश शासन-प्रशासन…

‘आत्मनिर्भरता’ प्राकृतिक संसाधनों के साथ आती है, उसे लुटाने से नहीं!

‘जन आंदोलनों काराष्ट्रीय समन्वय’ ने की श्रमिकों के हित के लिए मांगें ‘जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय’  (एनएपीएम) ने कहा है कि देश के संसाधनों के संरक्षण और उसके साथ एक आत्मनिर्भर तथा विषमता रहित देश, गाँव व समाज की बात हमेशा…

भारत में हैं, नई दुनिया की संभावनाएं

कोरोना के प्रकोप ने हमारे सामने, भले ही परोक्ष रूप से, विकास की वैश्विक अवधारणा का एक बेहद जरूरी सवाल खडा कर दिया है। यानि विकास के नाम पर आज तक हम जो और जैसा करते रहे थे, वह दरअसल…

कोरोना संकट पर सामान्‍य ज्ञान

कोरोना वायरस ने इन दिनों दुनियाभर में खलबली मचा दी है। अमीर-गरीब, ऊंचा-नीचा, काला-गोरा, गरज कि हर नस्‍ल और फितरत के इंसान को कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया है। इससे कैसे निपटा जाए? यह सभी को बार-बार बताया…

भीड़ में तब्‍दील होता राष्ट्र

महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के सुदूर इलाकों से आई भीड की हिंसा की ताजा खबरों ने सभी को बेचैन कर दिया है। बे-वजह और आमतौर पर कमजोरों पर होने वाली ये घटनाएं मॉब-लिंचिंग सरीखी वीभत्‍सता में भी तब्‍दील हो…