Sustainable Development

बजट 2026–27 में रेयर अर्थ और भारत की प्रकृति-संस्कृति

केंद्रीय बजट 2026–27 में रेयर अर्थ को रणनीतिक और सुरक्षा ज़रूरतों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है, लेकिन इसके साथ ही देश की पर्वतमालाओं, विशेषकर अरावली, पर नए खनन दबाव की आशंका भी गहराती दिख रही है। पर्यावरणविदों और स्थानीय…

इंदौर : विकास और बुनियादी ज़रूरतों के बीच संकट

स्वच्छता का सिरमौर कहलाने वाला, विकास और समृद्धि की चमक में डूबा इंदौर आज एक भयावह विडंबना से गुजर रहा है। जहाँ मेट्रो, फ़्लाईओवर और करोड़ों के समारोह हैं, वहीं लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। भागीरथपुरा की त्रासदी…

प्रकृति के साथ खड़ा एक जीवन : माधव गाडगिल को नमन

पश्चिमी घाटों को बचाने की लड़ाई को वैज्ञानिक और नैतिक आधार देने वाले प्रख्यात परिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल ‘धरती पुत्र’ के नाम से पहचाने जाते थे। गाडगिल ने भारतीय विज्ञान संस्थान में पारिस्थितिकी विज्ञान केंद्र की स्थापना की और गाडगिल आयोग…

अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम

नई उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति के गठन का आदेश, 20 नवंबर के फैसले पर लगी रोक नई दिल्ली, 29 दिसंबर। अरावली पर्वत श्रृंखला के संरक्षण से जुड़े एक अत्यंत संवेदनशील और दूरगामी प्रभाव वाले मामले में Supreme Court ने बड़ा हस्तक्षेप…

संवेदनशील विज्ञान से ही जलवायु संकट का समाधान संभव : राजेंद्र सिंह

अहमदाबाद, 19 दिसंबर। प्रसिद्ध जल संरक्षण कार्यकर्ता और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह ने कहा है कि अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी और विज्ञान यदि संवेदनशील, अहिंसक और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ें, तभी वैश्विक जलवायु परिवर्तन के संकट का स्थायी समाधान…

एक थे अनुपम मिश्र, सचमुच के अनुपम

अनुपम मिश्र को हमसे विदा हुए नौ वर्ष हो चुके हैं, लेकिन पानी, पर्यावरण और सादगी को लेकर उनकी दृष्टि आज भी उतनी ही जीवित है। ऐसे समय में, जब विकास पर्यावरण पर भारी पड़ रहा है, अनुपम मिश्र का…

भू-सांस्कृतिक मानचित्र पर प्रकृति–संस्कृति समन्वय पर राष्ट्रीय विचार मंथन

विभिन्‍न एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन से प्रतिनिधि शामिल, शिक्षा–विज्ञान–डिज़ाइन संस्थानों के विशेषज्ञों ने रखे विचार नई दिल्ली, 16 नवंबर। तरूण भारत संघ के तत्‍वावधान में भू–सांस्कृतिक मानचित्र (Geo–Cultural Map) को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय विचार मंथन कार्यशाला का आयोजन इंडियन नेशनल साइंस…

गांधी दर्शन और विचार शख्सियत

आचार्य विनोबा भावे: अहिंसा, सेवा और सामाजिक न्याय की शाश्वत दृष्टि

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार के इतिहास में आचार्य विनोबा भावे का व्यक्तित्व अद्वितीय और प्रेरक रहा है। गांधीजी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले विनोबा ने अहिंसा, सेवा और आत्मनिर्भरता को जीवन का आधार बनाया। भूदान आंदोलन, सर्वोदय…

विश्वास से परिवर्तन की ओर भविष्य को गढ़ता विज्ञान

हर वर्ष 10 नवंबर को मनाया जाने वाला ‘शांति एवं विकास के लिए विश्व विज्ञान दिवस’ हमें याद दिलाता है कि भविष्य की चुनौतियों का समाधान विज्ञान की प्रगति और समाज के विश्वास पर आधारित है। यूनेस्को की इस वर्ष…

ब्राजील : जलवायु शिखर सम्मेलन कोप 30 और पृथ्वी की पुकार

ब्राजील के बेलेम शहर में जलवायु पर शिखर सम्मेलन COP30 शुरू हो रहा है, जिसमें 200 देशों के 50,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन 10 से 21 नवंबर तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना है।…