Minimum Support Price

वैश्विक समझौतों की बिसात पर छोटे पशुपालक

भारत सरीखे कृषि प्रधान देश में वैश्विक व्यापार समझौतों का सीधा असर कृषि और किसानों पर होता है। वैसे भी हमारे यहां कृषि और पशुपालन, प्राथमिक रूप से व्यापार की बजाए पेट भरने की तकनीक मानी जाती है और ऐसे…

कृषि संसार : किसानों के लिए ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’

चार दिन बाद शुरु होने वाले संसद के मानसून सत्र में, उम्मीद है, किसानों के लिए ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ यानि ‘एमएसपी’ की कानूनी गारंटी पर गंभीरता से चर्चा हो। क्या हैं, ‘एमएसपी’ को कानूनी हक बनाने में अडंगे? और ये…

भारतीय अर्थव्यवस्था : किनके लिए अर्थ-व्यवस्था ? 

अखबारों में भले ही ‘तीन ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था’ बताकर हमारे देश को आर्थिक रूप से श्रेष्ठ देशों की पंक्ति में शामिल बताया जाता हो, लेकिन मैदानी हालात खस्ता हैं। इसकी बानगी के लिए इतना जानना ही काफी है कि देश…

‘सिफा’ का सम्मेलन : कृषि व्यवस्था को आकार देने की पहल  

‘भारतीय किसान संघ परिसंघ’ (सिफा) के तत्वावधान में भारत के किसान समुदाय को सशक्त बनाने, नवाचारों का अन्वेषण और भारतीय कृषि के भविष्य को आकार देने हेतु तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित ‘फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चैंबर ऑफ कॉमर्स’ में दो दिवसीय राष्ट्रीय किसान सम्मेलन…

समर्थन मूल्य की समीक्षा : मध्यप्रदेश में सोयाबीन

इन दिनों सोयाबीन को लेकर मध्यप्रदेश में भारी बवाल मचा है। फसल की लागत और लगातार बढ़ते अन्य खर्चों के चलते किसान सोयाबीन का ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ बढ़वाने के लिए आंदोलनरत हैं और सरकार इसे लेकर ना-नुकुर कर रही है।…

खेती : संकट में सोयाबीन

रोजमर्रा के भोजन में आमतौर पर कम हैसियत रखने वाली बाजार-हितैषी सोयाबीन के किसानों पर आजकल भारी संकट तारी है। लागत, मेहनत और परिवहन-भंडारण की उन्हें इतनी कम कीमत मिल रही है कि वे दूसरी कतिपय फसलों की तरह सोयाबीन…

कर्ज से विकास : बदहाली की अर्थव्यवस्था

मौजूदा संसद के संभवत: आखिरी सत्र में पेश किए गए अंतरिम बजट ने और कुछ किया हो या नहीं, मौजूदा सरकार की संभावित वापसी पर उसकी भावी योजनाओं को उजागर जरूर कर दिया है। मसलन किसानों की आय दोगुनी करने…