इन दिनों दुनियाभर को हलाकान करने वाले दो भीषण युद्धों में से एक,इजरायल और मध्य-पूर्व के देशों का है। इजरायल, जिसने हिटलर के हाथों अभी पिछली सदी में ही मानव इतिहास की भीषणतम त्रासदी झेली है,एक मदमस्त गुण्डे की तरह…
सर्वोदय त्याग और सृजन का इतिहास है – चंदन पाल भुवनेश्वर, 17 नवंबर। महात्मा गांधी के सर्वोदय विचार और स्वतंत्रता के बाद समानता व समृद्धि के साथ एक नए भारत के निर्माण की परंपरा को याद करते हुए, ओडिशा में…
राजघाट परिसर के सामने चल रहते हुए सत्याग्रह पहुंचा 67वें दिन वाराणसी, 16 नवंबर। गांधी विरासत को बचाने के लिए वाराणसी स्थित राजघाट परिसर के सामने चल रहे सत्याग्रह का 67 वें दिवस के पायदान पर पहुंच गया है। स्वतंत्रता…
केएस राधाकृष्ण जन्म शताब्दी समारोह राधाकृष्णजी एक समर्पित गांधीवादी थे, जिन्होंने उदार विचारों वाले लोगों को परस्पर मिलाकर हर काम को आसान बनाया। वे महान विचारक और दूरदर्शी व्यक्ति थे। वे सभी तरह की समस्याओं का समाधान गांधीवादी नजरिए से खोजते थे और अपने…
मेरा यह सम्मान रचनात्मक कार्यों में लगी महिलाओं को समर्पित – दमयंती पाणी गुवाहाटी,12 नवंबर। आज शरणिया आश्रम, गुवाहाटी में अमलप्रभा दास की 113वीं जन्म जयंती के अवसर पर वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित अमलप्रभा सर्वोदय पुरस्कार मध्यप्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता…
सर्व सेवा संघ के आह्वान पर न्याय के दीप जलाएं -100 दिवसीय सत्याग्रह जारी वाराणसी, 6 नवंबर। गांधी विरासत को बचाने के लिए वाराणसी स्थित राजघाट परिसर के सामने चल रहे सत्याग्रह को आज 57 वां दिन है। इस सत्याग्रह…
वाराणसी, 24 अक्टूबर । सर्वोदय समाज की शीर्ष संस्था अखिल भारतीय सर्व सेवा संघ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंफ्रा) नवीन गुलाटी के बयान को असंगत, तथ्यहीन, असत्य और गुमराह करने वाला बताया है। नवीन…
सर्व सेवा संघ के खिलाफ चल रहे सरकारी षड्यंत्र के विरोध में सौ दिनी सत्याग्रह का 41 वां दिवस वाराणसी, 21 अक्टूबर । सर्व सेवा संघ परिसर को जमींदोज करने के एक वर्ष होने के निमित्त चल रहा सौ दिनी…
पुस्तक प्रख्यात गांधीवादी विचारक के.एस. राधाकृष्ण के जीवन को समर्पित नई दिल्ली। प्रख्यात गांधीवादी विचारक व महात्मा गांधी के अनुयायी के.एस. राधाकृष्ण के जीवन को समर्पित ‘महात्मा गांधी की दृष्टि, राधाकृष्ण का उद्यम : जीवन, विचार व कार्य’ पुस्तक का…
इंदौर। गाँधी एक ऐसे कालजयी व्यक्तितव का नाम है जिसने भारत की हज़ारों वर्ष पुरानी संस्कृति का न केवल साक्षात्कर किया, उसकी तुलना में दुनियाभर के बाकी महापुरुष बोने साबित होते हैं। स्त्री- पुरुष के भेद को सबसे पहले खत्म…