Fossil fuels

वंचितों से और भी दूर हुआ जलवायु न्याय

पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के दुख दूबरे होते दुनिया के अमीर देश गाहे-ब-गाहे मिल-बैठकर अपनी चिंताएं उजागर करते रहते हैं, लेकिन उनकी इस कवायद से किसी का कुछ खास बनता-बिगड़ता नहीं है। पिछले साल के अंत में इसी तरह का…

बिजली के लिए बेशर्मी : एक रुपये एकड़ में अडानी को जमीन

विकास के नाम पर की जा रही बेशर्मी की एक बानगी बिहार के भागलपुर के पीरपैंती में देखी जा सकती है जहां अडानी कंपनी को ‘अल्ट्रा-सुपर क्रिटिकल थर्मल-पावर परियोजना’ खड़ी करने के लिए केवल एक रुपया प्रति एकड़ किराए की…

22 April World Earth Day : आत्महंता समाज की अंतहीन कहानी

विचित्र है, जिस प्रकृति-पर्यावरण की मेहरबानी से इंसान न सिर्फ जीवित है, बल्कि फल-फूल रहा है, उसी प्रकृति-पर्यावरण के प्रति इंसान में गहरी कटुता और जहर कैसे, कहां से पैदा हो गया? इतना जहर कि उसे जानते-बूझते, तिल-तिलकर मारते जरा…

ऊर्जा : सौर से सस्ती होगी बिजली

भले ही दो दिन बाद सर्वशक्तिमान माने जाने वाले अमरीका का राजपाट एक ऐसे व्यक्ति के हाथों में आ जाए जिसे जलवायु परिवर्तन पर हुआ ‘पेरिस समझौता’ जरा भी नहीं सुहाता, लेकिन लगातार बढ़ता तापक्रम ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की…

सुप्रीम कोर्ट से संवैधानिक अधिकार : मौसम और मजदूरी पर फैसले

आज के समय में जलवायु परिवर्तन और बेरोजगारी के मुद्दे हमारे सामने मुंह बाए खड़े हैं, इनसे निपटने के लिए सुप्रीमकोर्ट के फैसले भी मौजूद हैं, लेकिन किन्हीं अनजानी गफलतों, हितों या भूल जाने की राष्ट्रीय बीमारी के चलते उन्हें…