Tarun Bharat Sangh के स्वर्णिम 50 वर्षों के कार्यों की गरिमामयी प्रस्तुति, दो पुस्तकों का विमोचन, 110 जीवनदायकों का सम्मान भीकमपुरा (राजस्थान), 31 मई। राजस्थान के अलवर जिले स्थित भीकमपुरा गाँव के तरुण आश्रम में शुक्रवार को तरुण भारत संघ…
जिम्मी एंड जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा पर्यावरण संवाद सप्ताह 30 मई से शुरू इंदौर, 29 मई! जिम्मी एंड जनक मगिलिगन फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट द्वारा 33वें वार्षिक पर्यावरण संवाद सप्ताह का आयोजन विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के…
एक तरह से देखें तो धरती पर जीवन को पैदा करने, उसे बनाए रखने और उसका पेट भरते रहने में जैव-विविधता सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जैव-विविधता के इसी उपकार को याद दिलाते रहने के लिए हर साल दुनियाभर में…
जिस खेती की बदौलत इंसान अपना पेट भरता और जिन्दा रहता है, उसी खेती को केवल पूंजी कमाने की तरकीब में तब्दील कर दिया जाए तो क्या होगा? आप चाहें तो इसके नतीजे अपने आसपास ही देख और महसूस कर…
बढ़ते भौतिक विकास की दौड़ में मानव ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, उसके दुष्परिणाम अब स्पष्ट दिखने लगे हैं—असामान्य तापमान, बदलता मौसम और प्राकृतिक आपदाएं इसका प्रमाण हैं। ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ हमें यह याद दिलाता है कि…
जिम्मी मगिलिगन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह के छठे दिन कार्यशाला का आयोजन इंदौर, 20 अप्रैल 2025। जिम्मी मगिलिगन का जीवन स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणा है। उनकी सोच थी कि छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव…
सिर्फ भूख ही नहीं, भोजन भी हमें बीमार करता है। असीमित, अस्वास्थ्यकर खान-पान और कथित आधुनिक रहन-सहन हमें लगातार मोटापे की चपेट में फांस रहे हैं। यह बीमारी इस हद तक पहुंच गई है कि खुद देश के प्रधानमंत्री तक…
28 मार्च को म्यांमार और थाईलैंड में 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसमें 1600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और हजारों घायल हुए। इसके बाद 7.0 तीव्रता के एक और झटके ने हालात और…
पृथ्वी की केवल 15 फीसदी जलमग्न भूमि ही प्रदूषण से अप्रभावित है क्योंकि चार करोड़ टन की भारी धातु, जहरीला कीचड़ और अन्य औद्योगिक कचरा दुनियाभर में पानी में फेंका जा रहा है जिससे 85 फीसदी जलमग्न भूमि प्रदूषित हो चुकी है। तीन अरब से…
कहा जाता है कि दक्षिण एशिया में जीवन के आमफहम काम धरती पर बैठकर या उससे जुडकर ही साधे जाते हैं और नतीजे में इन इलाकों के समाजों में धीरज, सहनशक्ति और संयम सहज मौजूद रहता है। सच हो कि…