climate change

अरावली बचाने के लिए पर्यावरणविद राजेंद्र सिंह की सुप्रीम कोर्ट से गुहार, स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह

नई दिल्ली 27 दिसंबर।  देश की प्राचीन और जीवनदायिनी अरावली पर्वतमाला पर गहराते संकट को लेकर प्रसिद्ध पर्यावरणविद राजेंद्र सिंह ने सर्वोच्च न्यायालय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने न्यायालय से अरावली के संरक्षण के लिए…

भूमि की बिगड़ती सेहत और किसान

भारत में भूमि क्षरण अब एक गंभीर राष्ट्रीय संकट का रूप ले चुका है। अत्यधिक कृषि गतिविधियाँ, रासायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग, शहरीकरण, औद्योगीकरण और जल संसाधनों का असंतुलित दोहन देश की 30 प्रतिशत से अधिक भूमि की सेहत बिगाड़…

संवेदनशील विज्ञान से ही जलवायु संकट का समाधान संभव : राजेंद्र सिंह

अहमदाबाद, 19 दिसंबर। प्रसिद्ध जल संरक्षण कार्यकर्ता और मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह ने कहा है कि अभियांत्रिकी, प्रौद्योगिकी और विज्ञान यदि संवेदनशील, अहिंसक और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ें, तभी वैश्विक जलवायु परिवर्तन के संकट का स्थायी समाधान…

अरावली पर बढ़ते खनन संकट के विरुद्ध संकल्प : अरावली पर्वतमाला को बचाने की पुकार

विश्व पर्वत दिवस पर अरावली का संकट राष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। निर्णयों ने पर्वतमाला के बड़े हिस्से को खनन के लिए सौंपने का रास्ता खोल दिया है, जिससे गाँवों की जल–कृषि व्यवस्था, वन्यजीवों का जीवन और पर्यावरणीय…

भोपाल गैस कांड : महिलाएँ अब भी झेल रही हैं अदृश्य ज़हर का असर

21वीं सदी की दुनिया जलवायु संकट, विषैली हवा और औद्योगिक जोखिमों की भयावह सच्चाइयों से घिरी है, जिनका सबसे तीखा असर महिलाओं पर पड़ता है। वैश्विक शोध जहाँ आपदाओं में महिलाओं की मृत्यु दर चौदह गुना अधिक बताते हैं, वहीं…

चरम मौसम की घटनाएं जानलेवा साबित हो रहा है

भारत में चरम मौसम घटनाओं की रफ्तार भयावह स्तर तक बढ़ चुकी है। हीटवेव, बाढ़, चक्रवात, बादल फटना और बिजली गिरने जैसी आपदाएँ अब लगभग पूरे साल देश के किसी न किसी हिस्से को प्रभावित कर रही हैं। इनकी बढ़ती…

पर्यावरण और स्वास्थ्य की राह : क्यों जरूरी है वनस्पति-आधारित आहार?

जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे, जबकि उपभोक्तावादी जीवनशैली ग्रीनहाउस गैसों को और बढ़ा रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार पादप-आधारित आहार अपनाना उत्सर्जन घटाने का प्रभावी तरीका है। पेड़–पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ…

कॉप-30 सम्मेलन : ब्राजील जलवायु सम्मेलन के लिए पेड़ों पर कुल्हाड़ी

ब्राज़ील के बेलेम में आयोजित कॉप-30 जलवायु सम्मेलन का उद्देश्य उष्णकटिबंधीय वनों की रक्षा बताता है, पर विडंबना यह है कि इसी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 50 हजार पेड़ काटे जा रहे हैं। सम्मेलन में आने वाले नेताओं और विशेषज्ञों…

ब्राजील : जलवायु शिखर सम्मेलन कोप 30 और पृथ्वी की पुकार

ब्राजील के बेलेम शहर में जलवायु पर शिखर सम्मेलन COP30 शुरू हो रहा है, जिसमें 200 देशों के 50,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन 10 से 21 नवंबर तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटना है।…

हिंद स्वराज से जलवायु संकट तक : गांधी की चेतावनी और आज की दुनिया

महात्मा गांधी ने हिंद स्वराज में जिस ‘सभ्यता’ को हालात कहा था, वही आज के जलवायु संकट की जड़ बन चुकी है। बापू ने सौ साल पहले चेतावनी दी थी कि अगर दुनिया यूरोप-अमेरिका के उपभोगवादी रास्ते पर चली, तो…