स्वच्छता का सिरमौर कहलाने वाला, विकास और समृद्धि की चमक में डूबा इंदौर आज एक भयावह विडंबना से गुजर रहा है। जहाँ मेट्रो, फ़्लाईओवर और करोड़ों के समारोह हैं, वहीं लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। भागीरथपुरा की त्रासदी…
कचरा संकट अब सिर्फ धरती तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरिक्ष तक फैल चुका है। जल, थल, नभ हर जगह मानव निर्मित अपशिष्ट का अंबार लगा है, जिससे पर्यावरण और जैव विविधता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी को देखते…
पर्यावरणविद् अनुपम मिश्र के मुताबिक बिहार के लिए प्रकृति का प्रसाद मानी जाने वाली बाढ़ आजकल एक त्रासदी बन गई है। वजह है, उससे निपटने की कथित आधुनिक, तटबंध जैसी तरकीबें। साल-दर-साल आने वाली बाढ़ ने बिहार को किस तरह…
गंगा की अविरलता को बरकरार रखने के लिए 111 दिन के अपने उपवास के बाद प्राण त्यागने वाले प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ऐसे बिरले लोगों में हैं जिन्होंने गंगा को जीवित रखने के लिए विज्ञान और आध्यात्म…
वैश्विक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) ऑक्सफैम (ऑक्सफोर्ड कमेटी फॉर फेमिन रिलीफ) द्वारा 21 मार्च 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे प्रभावशाली खाद्य और कृषि कंपनियों में से केवल एक चौथाई ने ही अपने पानी के उपयोग को कम करने और जल…
24 सितम्बर 1969 को शुरु हुई ‘राष्ट्रीय सेवा योजना’ National Service Scheme (एनएसएस) राष्ट्र की युवाशक्ति के व्यक्तित्व विकास हेतु एक सक्रिय कार्यक्रम है जिसने अपने आधी सदी से अधिक के जीवन में अनेक उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की हैं। प्रस्तुत…