गोपेश्वर, 26 सितंबर। प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं शिक्षाविद् डॉ. हर्षवंती बिष्ट को वर्ष 2025 के केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान गंगोत्री क्षेत्र में भोजपत्र के वनों को बचाने और भोजपत्र के नए वन विकसित…
वैसे बड़े बांधों का विरोध उन्हें ‘नए भारत के तीर्थ’ के तमगे से नवाजे जाने के बरसों पहले शुरु हो गया था, लेकिन आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मापदंडों पर बाकायदा समीक्षा करके उनको खारिज करने का सिलसिला अस्सी के…
बरसों-बरस के अनुभव और तौर-तरीकों से विकसित हुई कृषि पद्धतियों में उत्तराखंड सरीखे पहाडी इलाकों की ‘बारहनाजा’ पद्धति भी है जिसमें स्थानीय संसाधनों, बीजों और पौष्टिकता से भरपूर उत्पादन इंसानों, पशुओं और जीव-जन्तुओं का पेट भरती है। खेती-किसानी के आर्थिक…
पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा की चौथी पुण्यतिथि पर प्रसिद्ध समाजसेवी सोनम वांगचुक ने कहा उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् स्व० सुंदरलाल बहुगुणा की चौथी पुण्यतिथि पर चिपको आंदोलन के प्रख्यात लोक कवि स्व० घनश्याम सैलानी जी को मरणोपरांत…
भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले पहाड़ों में विकास योजनाओं की जिद ने जानलेवा आफतें खड़ी की हैं। नतीजे में पहाड़ और उन पर बसा जीवन लगातार आपदाओं की चपेट में बना रहता है। कमाल यह है कि…
गोपेश्वर, 3 अप्रैल। चिपको आंदोलन की पहली रणनीतिक बैठक की 53वीं वर्षगांठ के अवसर पर चिपको की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल द्वारा “वर्तमान में पर्यावरण की चुनौतियाँ” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित…
किसी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर आम लोगों का ध्यान आकर्षित करने की गरज से ‘दिवस’ घोषित किए जाते हैं। करीब तेरह साल पहले 21 मार्च को इसीलिए ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ ने ‘विश्व वानिकी दिवस’ घोषित किया था। अब…
वैकल्पिक पत्रकारिता कही जाने वाली विधा में भारत डोगरा एक जाना-माना नाम है। उन्होंने हिन्दी, अंग्रेजी के अखबारों, पत्रिकाओं में हजारों लेख और सैकडों पुस्तक-पुस्तिकाएं लिखी हैं। यह सब करते हुए, एक लेखक के रूप में उन्हें किन अनुभवों से…
बहुत अधिक पीछे न जाकर पिछले 11-12 वर्षों में घटी प्रमुख त्रासदियों (केदारनाथ, जोशीमठ एवं सिक्किम) तथा मौसम की चरम घटनाओं को देखते हुए अब यह जरूरी हो गया है कि सभी राजनैतिक दल आगामी लोकसभा चुनाव (2024) में पर्यावरण को महत्व दें।…
23 जून : 90 वां जन्म दिवस प्रसंग देश के पहले आधुनिक पर्यावरणविद और गांधी विचारक के रूप में ख्यात चंडीप्रसाद भट्ट आज अपने जीवन के 90 वें वर्ष के पायदान को छूने जा रहे है। जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव…