bhopal gas tragedy

भोपाल गैस कांड : महिलाएँ अब भी झेल रही हैं अदृश्य ज़हर का असर

21वीं सदी की दुनिया जलवायु संकट, विषैली हवा और औद्योगिक जोखिमों की भयावह सच्चाइयों से घिरी है, जिनका सबसे तीखा असर महिलाओं पर पड़ता है। वैश्विक शोध जहाँ आपदाओं में महिलाओं की मृत्यु दर चौदह गुना अधिक बताते हैं, वहीं…

औद्योगिक ज़हर से जलवायु ज़हर तक : महिलाओं की सुरक्षा अब भी नीतियों के हाशिये पर

2 दिसंबर सिर्फ एक स्मृति-दिवस नहीं, उस सच का आईना है जिसे भोपाल गैस त्रासदी ने उजागर किया था—पर्यावरणीय संकट कभी बराबरी से नहीं चोट पहुँचाते। विषैली हवा, बढ़ती गर्मी, जल-संकट और घरेलू धुएँ का सबसे भारी बोझ आज भी…

Nuclear energy : पूंजी को परोसी जाती परमाणु ऊर्जा

सन् 2010 में, ‘संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन’ की डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार को डांवाडोल करने वाला परमाणु ऊर्जा कानून लाया गया था। अमरीका की औद्योगिक जमात के उकसावे पर बनाया गया यह कानून दुर्घटना होने पर उसकी समूची जिम्मेदारी से…

भोपाल गैसकांड : गैस से बच कर निकले जहरीले सवाल

अनुपम मिश्र यह साल दुनिया की भीषणतम औद्योगिक त्रासदी ‘भोपाल गैसकांड’ की चालीसवीं बरसी का साल है। क्या हुआ था, दो और तीन दिसंबर की दरमियानी रात को? और उसके बाद किस-किस ने, कैसे-कैसे, क्या-क्या किया? ‘सप्रेस’ के दस्तावेजों में…

भोपाल गैस त्रासदी : 40 साल की जद्दोजेहद

आज़म खान दुनिया की भीषणतम औद्योगिक त्रासदी से चार दशक पहले निपटने वाले भोपाल में इसे लेकर आज क्या हो रहा है? क्या सरकारों, सेठों और समाज ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी सलीके से निभाई है? प्रस्तुत है, इसी की पड़ताल करता…

भोपाल त्रासदी : आपदा के दौरान पैदा हुए लोगों में आठ गुणा ज्यादा है कैंसर का जोखिम

गैस रिसाव के बाद गर्भपात की दर में चार गुना वृद्धि हो गई थी। साथ ही मृत जन्म और नवजात मृत्यु दर का जोखिम भी बढ़ गया भोपाल त्रासदी एक ऐसी भूल, जिसका सजा दशकों से पीड़ित झेल रहे हैं।…

यंगशाला द्वारा भोपाल गैस त्रासदी के 38 सालों के संघर्ष पर युवाओं के साथ संवाद

भोपाल, 4 दिसंबर । युवाओं का अनौपचारिक समूह यंगशाला रूबरू में भोपाल गैस त्रासदी के 38 सालों के दर्द और संघर्ष की कहानियों से युवा रूबरू हुए। चर्चा में पूर्व हेड मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट, मध्य प्रदेश डॉ. डी के सथपथी…

साढ़े तीन दशक बाद भी नहीं हो पाया है भोपाल गैस त्रासदी के प्रभावों का मूल्यांकन

भोपाल गैस त्रासदी की 37वीं वर्षगांठ पर वक्तव्य भोपाल गैस त्रासदी के 37 साल बाद भी गैस पीड़ितों का एक और वर्ष अनसुलझे मुख्य मुद्दों के बीच बीत गया। जहरीली गैस रिसाव त्रासदी के परिणामस्वरूप कम से कम 25,000 पीड़ितों…

भोपाल गैस त्रासदी : अब तक भी राज्य और केन्द्र सरकार ने गैस कांड के नतीजों-प्रभावों का समग्र आकलन नहीं किया

3 दिसंबर : भोपाल गैस कांड की 36 वीं बरसी दुनियाभर में सर्वाधिक भीषण मानी जाने वाली औद्योगिक त्रासदी को 36 साल हो गए है। इस त्रासदी में मारे गए हजारों निरपराधों, अब तक उसके प्रभावों को भुगत रहे लाखों…