जयप्रकाश नारायण क्या वर्तमान दलीय लोकतंत्र का कोई विकल्प हो सकता है? और यदि हो सकता है तो उसका स्वरूप कैसा होगा? इस सिलसिले में प्रस्तुत है, ‘सप्रेस’ के भंडार में से देश के मूर्धन्य नेता, स्वतंत्रता-संग्राम सेनानी स्व. श्री…
हमारे समय में ऐसे कई महानायक हुए हैं जिन्होंने इतिहास की धारा को बदलने के प्रयास किए हैं। ऐसे ही एक व्यक्ति लोकनायक जयप्रकाश नारायण रहे हैं जिनकी अगुआई में देश में तानाशाही की पहली कोशिश को सफलतापूर्वक रोका गया…
गांधी सामयिक हैं, यह बात नारों-गीतों-मूर्तियों-समारोहों-उत्सवों से नहीं, समस्याओं के निराकरण से साबित करनी होगी. जो गांधी को चाहते व मानते हैं उनके लिए गांधी एक ही रास्ता बना व बता कर गए हैं : अपने भरसक ईंमानदारी व तत्परता…
हमारे समय,खासकर आजादी के बाद के इतिहास में जयप्रकाश नारायण का होना एक महत्वपूर्ण पडाव की तरह है। सत्तर के दशक में ‘सम्पूर्ण क्रान्ति’ आंदोलन की अगुआई करते हुए उन्होंने पहली बार तत्कालीन राजसत्ता को चुनौती दी थी और देश…