नारायण देसाई

नारायण देसाई  एक प्रख्यात गाँधीवादी थे। वे गाँधीजी के निजी सचिव और उनके जीवनीकार महादेव देसाई के पुत्र थे। वे भूदान आंदोलन और सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन से जुड़े रहे और उन्हें "गाँधी कथा" के लिये जाना जाता है जो उन्होंने 2004 में शुरू की थी। साबरमती आश्रम में उनका बाल्यकाल बीता और आरंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी तथा अपने पिता के निर्देशन में ही बाद की शिक्षा ग्रहण की।आचार्य विनोबा भावे के भूदान आंदोलन से जुड़कर इन्होंने गुजरात में काफ़ी भूदान यात्राएं कीं। भूदान आंदोलन के मुखपत्र "भूमिपुत्र" की शुरूआत की और वे 1959 तक इसके संपादक रहे। उन्होंने आपना जीवन महात्मा के बताये मार्ग पर व्यतीत किया और इन्ही आदर्शों का प्रसार करने में लगे रहे। उन्होंने 'तरुण शांति सेना' का नेतृत्व किया, वेडची में अणु शक्ति रहित विश्व के लिये एक विद्यालय की स्थापना की तथा गांधी शान्ति प्रतिष्ठान, गांधी विचार परिषद और गांधी स्मृति संस्थान से जुड़े रहे थे।

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