जोशीमठ त्रासदी : जाग सके तो जाग
विकास के नाम पर आजकल जिस तरह के धतकरम जारी हैं उनसे चहुंदिस बर्बादी और विनाश ही उपजता दिखाई दे रहा है। इन दिनों उत्तराखंड का ऐतिहासिक नगर जोशीमठ इसी विकास की चपेट में कराह रहा है। ऐसे में क्या…
जी-20 का भोपाल-जमावडा : मिलजुलकर मिटाएं बदहाली
आपसी व्यापार-धंधे के चलते दुनियाभर के देशों ने तरह-तरह के समूह बनाए हैं। इन समूहों में कई बार गरीबी, प्रदूषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि को लेकर बातचीत और उन्हें बेहतर करने की पहल होती रहती है। इन दिनों जी-20 समूह के…
केपी शशि : कमाल के रचनात्मक कॉमरेड
वैकल्पिक सिनेमा और राजनीति के चर्चित हस्ताक्षर केपी शशि अभी कुछ दिन पहले हमें सदा के लिए छोडकर गए हैं। ‘सर्वोदय प्रेस सर्विस’ के साथ उनकी अनेक यादें जुडी हैं। प्रस्तुत है, केपी शशि का संक्षिप्त परिचय देता यह लेख।…
सिनेमा : ‘पठान’ पर उठते प्रश्न
इन दिनों शाहरुख खान-दीपिका पदुकोण की फिल्म ‘पठान,’ हीरोइन द्वारा पहनी गई बिकिनी के भगवा रंग के कारण बवाल में है, लेकिन क्या यह केवल किसी खास रंग के मामूली बित्तेभर कपडे भर की बात है? क्या इस फिल्म ने…
खाद्यान्न की बर्बादी : खतरे में खाद्यान्न
दुनियाभर में सबके लिए पेट-भर भोजन एक बडी समस्या बनता जा रहा है, लेकिन उससे पार पाने के लिए कोई कारगर उपाय सामने नहीं आ रहे हैं। दूसरी तरफ, बडी मात्रा में खाद्यान्न की बर्बादी इस संकट की विडंबना को…
मध्यकालीन इतिहास में मोहब्बत के संदेश
जातियों और धर्मों में विभाजित हमारे समाज का एक बडा संकट, एक-दूसरे की अज्ञानता से उपजी हिंसक असहमतियां भी हैं। कतिपय राजनीतिक जमातें इसी अज्ञानता का लाभ लेकर लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ भडकाती रहती हैं। मसलन – मध्यकालीन इतिहास…
अन्तर्राष्ट्रीय बाल अधिकार समझौता : बच्चों की बेहतरी का एक समझौता
पिछले कुछ दशकों से बच्चों के हित में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक समझौते होते रहे हैं, लेकिन, ऐसे कई समझौतों की तरह उनका भी पालन नहीं हुआ है। करीब 33 साल पहले हुआ ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल अधिकार समझौता’ ऐसा ही…
क्या है ‘इलेक्शन बांड’ के खतरे
जगदीप एस. छोकर हाल के वर्षों में चुनाव, खासकर संसद और विधानसभाओं के चुनाव भारी-भरकम पूंजी की दम पर लडे जाने लगे हैं। यह पूंजी ‘इलेक्शन बांड’ की मार्फत राजनीतिक दलों तक पहुंचती है। अलबत्ता, ‘भारतीय स्टेट बैंक’ से बेचे…
पर्यावरण पर भी प्रहार कर रहा है, रूस-यूक्रेन युद्ध
दशकों की माथापच्ची के बाद जिस कार्बन डाइ-ऑक्साइड के उत्सर्जन पर लगाम लगाने और नतीजे में जलवायु परिवर्तन को काबू में करने की धुंधली सी उम्मीद बनी थी, रूस-यूक्रेन युद्ध ने उसे मटियामेट कर दिया है। अब कोयले से बिजली…
झूठे साबित हुए किसानों की आय दोगुना करने और खेती को लाभ का धंधा बनाने के दावे
हजारों किसानों द्वारा की जाएगी दिल्ली में गर्जना, सरकार के खिलाफ गहरा आक्रोश डॉ. सन्तोष पाटीदार भारतीय किसान संघ प्रदेश के बाद अब केंद्र सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करने जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन…























