आदिवासी समाज

World Indigenous Day : मौजूदा विकास के विपरीत है,  आदिवासी जीवन  

आदिवासी समाज की बदहाली को देखना-समझना चाहें तो आसानी से उस संवेदनहीनता पर उंगली रखी जा सकती है जिसे लेकर सत्ता, सेठ और समाज आदिवासियों को अपनी तरह के विकास की चपेट में फांसने में लगे हैं। कमाल यह है…

दिशोम गुरु शिबू सोरेन : आदिवासी अस्मिता के प्रतीक

शिबू सोरेन के निधन के साथ झारखंड की राजनीति का एक युग समाप्त हो गया। ‘दिशोम गुरु’ के नाम से लोकप्रिय रहे सोरेन ने आदिवासी अधिकारों, महाजनी शोषण, शराबबंदी और झारखंड राज्य की मांग को लेकर जीवनभर संघर्ष किया। टुंडी…

प्राकृतिक संसाधनों पर समुदायों का अधिकार अभियान जारी रहेगा

जन स्वाभिमान यात्रा का मंडला में समापन, विस्थापन व निजीकरण के खिलाफ उठीं आवाजें मंडला, 1 जुलाई। बालाघाट से 9 जून को प्रारंभ हुई 21 दिवसीय जन स्वाभिमान यात्रा का समापन सोमवार को मंडला जिले के संगम घाट, महाराजपुर में…

ओडिशा में जन आंदोलनों पर राज्य दमन के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर निंदा

24 कार्यकर्ताओं और आदिवासियों के प्रवेश पर दो माह की रोक पर नागरिकों ने जताई गहरी चिंता मुंबई, 13 जून। ओडिशा के रायगडा जिले में शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित पर्यावरण दिवस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ…

9 से 24 जून तक ‘जन स्वाभिमान यात्रा’ गुजरेगी बालाघाट और मंडला बहुल गांवों से

आदिवासी क्षेत्रों में शांति और सुशासन की पहल हेतु जन स्वाभिमान यात्रा आरंभ मंडला/बालाघाट। जन संघर्ष मोर्चा महाकौशल द्वारा 9 जून से 24 जून 2025 तक ‘जन स्वाभिमान यात्रा’ निकाली जा रही है। यह यात्रा धरती आबा बिरसा मुंडा की…

आदिवासी-मूलवासियों की रांची में हुंकार, झारखंड सरकार अपने चुनावी वादे पूरे करे

रांची 30 मई . झारखंड के आदिवासी बहुल जिलों से बड़ी संख्या में आए आदिवासी, मूलवासी लोग रांची राजभवन के समक्ष जुटे लोग और हुंकार भरी कि हेमंत सरकार अपने चुनावी वादे पूरी करे। मौका था झारखंड जनाधिकार महासभा की…

कागज़ी कार्रवाई और केवाईसी के नाम पर जन-हित योजनाओं में अड़चनें : बड़वानी में हज़ारों आदिवासी हुए लामबंद

“पहले गाँव में व्यवस्था लाओ, फिर केवाईसी माँगो” — आदिवासियों का सरकार से सवाल बड़वानी, 13 मई। मध्य प्रदेश के बड़वानी ज़िले में सोमवार को जागृत आदिवासी दलित संगठन के नेतृत्व में हज़ारों आदिवासी महिला-पुरुषों ने रैली निकालकर सरकार की…

वन भूमि अतिक्रमण को लेकर सरकारी दावों में विरोधाभास : आदिवासियों के अधिकारों पर संकट

मध्यप्रदेश में वन भूमि अतिक्रमण को लेकर सरकारी आंकड़ों और दावों में गंभीर विरोधाभास सामने आया है। एनजीटी में प्रस्तुत हलफनामे में जहां 5.46 लाख हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण की बात मानी गई है, वहीं वन विभाग की रिपोर्टें पुराने…

‘घुमंतू और विमुक्त’ महिलाओं की त्रासदी

वन और वन्यप्राणियों से लेकर अपने समय और समाज को हथेली पर बांचने वाली ‘घुमंतू और विमुक्त’ महिलाऐं, अपने घर-परिवारों के साथ अक्सर रास्तों के किनारे अस्थायी बस्तियों में दिखाई दे जाती हैं। सहज, नैसर्गिक जीवन के अभावों से जूझती…

17 लाख आदिवासी परिवारों पर बेदखली की तलवार : 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई

नई दिल्ली, 27 मार्च। केंद्र सरकार की चुप्‍पी के चलते देशभर में लाखों आदिवासी और वनवासी समुदायों पर बेदखली का खतरा मंडरा रहा है। देश के सौ से अधिक जन संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपना संवैधानिक कर्तव्य…