समाज

फ़िल्म इन गलियों में: हाशिए की ज़मीन से उठता एक सिनेमाई प्रार्थना-गीत

नई फिल्म ‘इन गलियों में’ एक ऐसी कहानी है जो भारत की विविधता का प्रतिनिधित्व करती है। यह फिल्म अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले आर्थिक रूप से पिछड़े एक युवा जोड़े की प्रेम कहानी है। अवंतिका दसानी और विवान…

International Day of Zero Waste: स्वच्छता के साथ जीरो वेस्ट अभियान की जरूरत

कचरा संकट अब सिर्फ धरती तक सीमित नहीं, बल्कि अंतरिक्ष तक फैल चुका है। जल, थल, नभ हर जगह मानव निर्मित अपशिष्ट का अंबार लगा है, जिससे पर्यावरण और जैव विविधता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी को देखते…

‘घुमंतू और विमुक्त’ महिलाओं की त्रासदी

वन और वन्यप्राणियों से लेकर अपने समय और समाज को हथेली पर बांचने वाली ‘घुमंतू और विमुक्त’ महिलाऐं, अपने घर-परिवारों के साथ अक्सर रास्तों के किनारे अस्थायी बस्तियों में दिखाई दे जाती हैं। सहज, नैसर्गिक जीवन के अभावों से जूझती…

1 से 10 मई 2025 को सामाजिक न्याय और परिवर्तन की दिशा में युवाओं के लिए बुनियाद कार्यशाला का आयोजन  

बुनियाद कार्यशाला के लिए युवा कार्यकर्ताओं और छात्रों से आवेदन आमंत्रित पालमपुर, 25 मार्च 2025  सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक असमानताओं को समझने और उनसे निपटने के लिए युवाओं को तैयार करने हेतु ‘बुनियाद’ नामक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा…

World Puppet Day : अपनी पहचान खोती कठपुतलियां

हर साल 21 मार्च को विश्व कठपुतली दिवस मनाते हैं। इस दिन का उद्देश्य कठपुतली को वैश्विक कला के रूप में मान्यता देना है। यह दुनिया भर के कठपुतली कलाकारों को का सम्मान करने का एक प्रयास है। एक समय था जब…

Holi 2025 : सामाजिक समरसता का पर्व होली

होली के सांस्कृतिक महत्व का दर्शन नैतिक, धार्मिक और सामाजिक आदर्शों को मिलाकर एकरूपता गढ़ने का काम करता है। तय है, होली के पर्व की विलक्षणता में कृषि, समाज, अर्थ और सद्भाव के आयाम एकरूप हैं। इसलिए यही एक ऐसा अद्वितीय पर्व है, जो सृजन…

Eco-friendly Holi : परम्परा और प्रकृति संरक्षण के लिए जरूरी

विविधता और मान्यताएं भारतीय संस्कृति के पर्याय है। होली के दिन हर गली और हर घर रंगों में सराबोर नजर आता है। हर रंग का महत्व होता है। भारत में हर अवसर और पल के लिए एक रंग है। हर…

Rajasthan Holi 2025 : रंग बिरंगी होती है राजस्थान में होली

होली महोत्सव की विशिष्ट तिथि हर साल अलग-अलग हो सकती है, क्योंकि यह हिंदू कैलेंडर में फागुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। होली के अवसर पर राजस्थान के विभिन्न शहरों  में कईं तरह के आयोजन किए जाते…

महिला अधिक‍ार : खुद की अहमियत के लिए भी जरूरी है, संपत्ति का अधिकार

महिलाओं के लिए संपत्ति का अधिकार उन्हें केवल पूंजी या वस्तुओं पर मिलकियत भर नहीं देता, बल्कि उनमें एक आत्मविश्वास भी जगाता है। जाहिर है, हमारा मौजूदा सामाजिक ताना-बाना आत्मविश्वास से लबरेज महिला को मंजूर नहीं कर सकता। नतीजे में…

मिट्टी का मोल : सचेत और जिम्मेदार बनाने की कला

कहा जाता है कि दक्षिण एशिया में जीवन के आमफहम काम धरती पर बैठकर या उससे जुडकर ही साधे जाते हैं और नतीजे में इन इलाकों के समाजों में धीरज, सहनशक्ति और संयम सहज मौजूद रहता है। सच हो कि…