समाज

अरुणाचल प्रदेश में मेगा डैम के विरोध में उठती आवाज़ें, मानवाधिकार कार्यकर्ता ईबो मिली पर मामला दर्ज

देश के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के सियांग ज़िले में प्रस्तावित 11,000 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देश्यीय परियोजना (Siyang Upper Multipurpose Project – SUMP) को लेकर स्थानीय समुदायों, पर्यावरणविदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से तीव्र विरोध सामने आ रहा…

गांधी की तपोभूमि कौसानी में शराब दुकान का विरोध तेज़ – पद्मश्री राधा भट्ट ने CM Uttarakhand को लिखा पत्र

राम दत्त त्रिपाठी उत्तराखंड की शांत और आध्यात्मिक नगरी कौसानी, जो महात्मा गांधी के अनासक्ति आश्रम , लक्ष्मी आश्रम और साहित्यकार सुमित्रानंदन पंत के लिए प्रसिद्ध है, इन दिनों एक विवाद के केंद्र में है। राज्य सरकार ने हाल ही…

वन्‍य जीवन : बाघों के बहाने वीरान होते गांव

पर्यावरण के पिरामिड की चोटी पर बाघ विराजता है और उस पर मंडराता कोई भी संकट दरअसल पर्यावरण पर संकट माना जाता है। जाहिर है, ऐसे में किसी भी कीमत पर बाघ और उसके लिए जंगल बचाना ‘वैज्ञानिक वानिकी’ की…

एक कैमरा, एक युग : प्रख्यात फोटो जर्नलिस्ट रोशन लाल चोपड़ा की ऐतिहासिक छवियां

तत्कालीन समय और समाज के झरोखे खोलती प्रदर्शनी नई दिल्ली, 5 मई। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) की चित्रदीर्घा दर्शनम्-2 में लगी विशिष्ट प्रदर्शनी ‘टाइमलेस मोमेंट : द आर्टिस्ट्री ऑफ आईकॉनिक फ्रेम्स’ (कालातीत क्षण: आईकॉनिक फ़्रेमों की कलात्मकता) हमें…

कृषि कंपनियों में बढ़े महिला भागीदारी

भारतीय कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, लेकिन नेतृत्व और औपचारिक रोजगार में उनकी हिस्सेदारी अब भी बेहद कम है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस असमानता को दूर करने के लिए महिलाओं को संसाधनों, प्रशिक्षण और निर्णय-निर्धारण में…

22 April World Earth Day : आत्महंता समाज की अंतहीन कहानी

विचित्र है, जिस प्रकृति-पर्यावरण की मेहरबानी से इंसान न सिर्फ जीवित है, बल्कि फल-फूल रहा है, उसी प्रकृति-पर्यावरण के प्रति इंसान में गहरी कटुता और जहर कैसे, कहां से पैदा हो गया? इतना जहर कि उसे जानते-बूझते, तिल-तिलकर मारते जरा…

सोलर टेक्नोलॉजी से क्रांति : जिम्मी मगिलिगन की सोच को वरुण ने किया साकार

जिम्मी मगिलिगन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट सप्ताह के छठे दिन कार्यशाला का आयोजन इंदौर, 20 अप्रैल 2025। जिम्मी मगिलिगन का जीवन स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में एक प्रेरणा है। उनकी सोच थी कि छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव…

‘सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी’ : एक बेहतरीन विरासत

सामंती समाज की लाख बुराइयों के बावजूद कतिपय राजे-महाराजे पढ़ने-लिखने के भारी शौकीन हुआ करते थे। कई रजवाडों की लाइब्रेरियां असंख्य बेशकीमती,अनूठी किताबों से भरी रहती थीं। आज की जोधपुर की ‘सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी’ इन्हीं में से एक है। अशोक…

तकनीक के तनाव : मोबाइल पर जुआ

कुछ साल पहले हमारे जीवन को आसान बनाने की खातिर आए मोबाइल फोन ने अब अपनी तकनीक से कई तरह के संकट खड़े कर दिए हैं। इनमें से एक है, ‘ऑन लाइन गेमिंग’ जिसने बच्चों तक को अपनी चपेट में…

चिपको आंदोलन की पहली रणनीतिक बैठक की 53वीं सालगिरह पर गोष्ठी : पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई पहल

गोपेश्वर, 3 अप्रैल। चिपको आंदोलन की पहली रणनीतिक बैठक की 53वीं वर्षगांठ के अवसर पर चिपको की मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल द्वारा “वर्तमान में पर्यावरण की चुनौतियाँ” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित…