विचार

सनातन जीवन-दर्शन : प्रकृति और संस्कृति से जुड़ी जीवन पद्धति

भारतीय जीवन-दर्शन का मूल प्रकृति और संस्कृति के उस सनातन योग में निहित है, जिसने पंचमहाभूतों से सृष्टि की रचना की और मानव जीवन को आचार-विचार, आरोग्य, संतुलन व समृद्धि का मार्ग दिया। जैसे-जैसे यह योग टूटता गया, आर्थिकी, पारिस्थितिकी…

बच्चों की हंसी में ही बसता है भारत का भविष्य

बच्चों के प्रति अपने स्नेह और विश्वास के कारण पंडित जवाहरलाल नेहरू भारतीय बाल-चेतना के सबसे बड़े संरक्षक माने जाते हैं। उनके जन्मदिवस 14 नवम्बर का ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाना इसी भावना का प्रतीक है। नेहरू का…

सोने का धुंधलका, डालर का सच : सत्ता की राजनीति के साये में अर्थव्यवस्था

देश की राजनीतिक हलचल और चुनावी बयानबाजी के बीच मुद्रा बाजार में गंभीर उतार-चढ़ाव नजर आ रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपये की तेज गिरावट और सोने के भंडार को लेकर उठे सवालों पर न तो स्पष्ट संवाद हो रहा…

बिहार चुनाव : जाति का वर्चस्व बनाम विकास और ‘पावरलेस’ की राजनीति’

बिहार, जिसे भारतीय लोकतंत्र की प्रयोगशाला कहा गया है, आज फिर एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। ऐतिहासिक राजनीतिक चेतना और आंदोलनों की भूमि होने के बावजूद, यहां चुनावी परिदृश्य अब भी जाति, वर्चस्व, बूथ प्रबंधन और पैसों के प्रभाव…

हर अल्फ़ाज़ में जादू, हर तर्ज़ में एहसास — यही है उर्दू

प्रो. आरके जैन “अरिजीत” 9 नवंबर: विश्व उर्दू दिवस उर्दू… यह महज़ एक ज़ुबान नहीं, एक रूहानी धड़कन है — जिसमें मोहब्बत की महक है, अदब की नर्मी है, और इंसानियत की गर्माहट है। इस ज़ुबान के लफ़्ज़ होंठों से नहीं, दिल से निकलते हैं — जब कोई “जान-ए-मन” कहता है, तो उसकी आवाज़…

गांधी का ‘हिंद स्वराज’ : उथल-पुथल में उपयोगी

दुनिया के अधिकांश देशों में मची भीषण उथल-पुथल आमतौर पर लोकतंत्र के हवाले से की जा रही है। ऐसे में गांधी होते तो क्या कहते/करते? इंग्लेंड-अफ्रीका की अपनी जहाज-यात्रा में 116 साल पहले लिखी पुस्तिका ‘हिंद स्वराज’ में उन्होंने मौजूदा…

लोकतंत्र की तलाश : बिहार से लौटेगा या अमेरिका से?

लोकतंत्र की दुर्दशा से बेचैन भारतीय समाज एक ओर बिहार के चुनाव में बदलाव की उम्मीद देख रहा है, तो दूसरी ओर अमेरिका में उठे ‘नो किंग्स’ आंदोलन से प्रेरणा ले रहा है। जब सत्ता पूंजी के कब्जे में और…

राम को तो रोज़ अपने घर लौटना चाहिए !

हम हर दीपावली पर राम की प्रतीक्षा करते हैं, पर अपनी अयोध्या में लौटने का साहस नहीं जुटा पाते। असली दीपावली तब होगी जब हम अपने भीतर के वनवास से लौटें, भय से नहीं, विश्वास से दीया जलाएँ — ताकि…

मोदी ट्रम्प से डरते हैं या नहीं ? संकेत तो ऐसे ही नज़र आते हैं ?

राहुल गांधी के इस आरोप कि मोदी राष्ट्रपति ट्रम्प से ख़ौफ़ खाते हैं, पर अप्रत्याशित प्रतिक्रिया अमेरिकी गायिका मेरी मिलबेन ने दी है। मोदी समर्थक मानी जाने वाली मिलबेन ने कहा कि पीएम की ट्रम्प के प्रति रणनीति डर नहीं,…

डॉ. आंबेडकर बनाम बी.एन. राव विवाद : संवैधानिक इतिहास पर राजनीति से समाज में अशांति

मध्य प्रदेश में संविधान निर्माता को लेकर चल रहा विवाद दलित–सवर्ण तनाव बढ़ा रहा है। कुछ वकीलों की टिप्पणियों ने डॉ. आंबेडकर के योगदान पर सवाल उठाते हुए व्यापक विरोध और प्रदर्शन भड़का दिए हैं। इतिहास व संवैधानिक प्रक्रिया को…