विचार

शराब गोरखधंधा : शराब से सम्पन्न सरकारें

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने ‘एक दिन के डिक्टेटर’ बनने पर जिस शराब को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के मंसूबे बांधे थे, वही शराब सरकारों की राजस्व उगााही का बडा स्रोत बन गई है। शराबबंदी का मुद्दा उभरते ही हर…

‘चौमुखी’ पहल से समाज में शांति

वरिष्ठ गांधीवादी कार्यकर्ता एवं ‘एकता परिषद’ के संस्थापक राजगोपाल पीवी को हाल में जापान के प्रतिष्ठित ‘निवानो शांति पुरस्कार’ (2023) से नवाजा गया है। लगभग एक करोड 22 लाख रुपयों की पुरस्कार राशि से श्री राजगोपाल ने ‘शांति कोष’ की…

मेडिएशन बिल क्रियान्वित होने के बाद लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगीं

अभ्यास मंडल की 62 वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला के अंतिम दिन न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी का व्‍याख्‍यान इंदौर, 20 मई । सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार माहेश्वरी ने कहा है कि देश की जनता की आस्था और विश्वास न्यायालय…

2003 में विश्व बैंक से लिए गए लोन के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के लिए बने मुश्किल हालात

अभ्यास मंडल द्वारा आयोजित 62 वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में वामपंथी विचारक अशोक राव इंदौर,18 मई। वामपंथी विचारक अशोक राव ने कहा है कि वर्ष 2003 में विश्व बैंक से भारत के द्वारा लिए गए लोन के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के…

हमारे देश में लोकतंत्र Democracy नागरिकों के कारण बचा है और नागरिकों के कारण ही बचेगा

अभ्यास मंडल की 62 वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में सांसद मनीष तिवारी का व्‍याख्‍यान इंदौर, 17 मई। सांसद एवं कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि लोकतंत्र Democracy की रक्षा के लिए संवैधानिक संस्थाओं को चुनौतियों से बचाना नागरिकों…

महिलाओं के politics राजनीति में आने से होगा देश का भविष्य उज्जवल

अभ्यास मंडल की 62वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में चुनाव विश्लेषक Yashwant Deshmukh यशवंत देशमुख का व्याख्यान इंदौर,16 मई। वरिष्ठ पत्रकार एवं चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख ने कहा है कि महिलाओं के राजनीति में आने से ही देश का भविष्य उज्जवल है।…

तकनीक में Artificial Intelligence ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ तो दुनिया में ‘नैतिकता’ की चुनौती सबसे बड़ी : राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

अभ्यास मंडल, इंदौर द्वारा आयोजित ग्रीष्‍मकालीन व्याख्यानमाला इंदौर, 15 मई। वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा है कि इस समय तकनीक में जहां Artificial Intelligence आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सबसे बड़ी चुनौती है, तो वहीं दुनिया के समक्ष…

‘जलवायु परिवर्तन’ के जबाव में ‘जन्म-हड़ताल’ birth strike

सत्तर के दशक से जोर पकड़ते पर्यावरण-प्रदूषण ने अब ऐसे ‘जलवायु परिवर्तन’ climate change तक की यात्रा पूरी कर ली है जिसमें माताएं बच्चों को जन्म तक देने से बचना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध…

पर्यावरण : लालच से नाता तोड़ो, प्रकृति से नाता जोड़ो

कहा जाता है कि हम एक ग्रह और सभ्यता की हैसियत से खुद को लगातार समाप्त करने में लगे हैं। यानि हम जानते-बूझते खुद को खत्म करने के सरंजाम जुटा रहे हैं। ऐसे में समूची कायनात को बचाने के लिए…

वन्‍य जीवन : जंगलराज में सभ्यता

पढे-लिखे आधुनिक समाज में जंगल को बर्बरता, असभ्यता और पिछडेपन का ऐसा प्रतीक माना जाता है जिसमें ‘सर्वाइवल ऑफ दि फिटेस्ट’ यानि ‘सक्षम की सत्ता’ ही एकमात्र जीवन-मंत्र है, लेकिन क्या सचमुच ऐसा ही है? जंगल को जानने-समझने वाले इसके…