विचार

‘अंग्रेजो भारत छोड़ो’ : भारतीय स्वतन्त्रता के लिए तैयार की आन्दोलन ने पृष्ठभूमि

76 वें स्‍वतंत्रता दिवस पर विशेष हमारी आजादी के संघर्ष का अहम पडाव ’1942 का Quit India Movement ‘भारत छोडो’ आंदोलन भी रहा है। इस आन्दोलन से उत्पन्न चेतना के परिणामस्वरूप ही 1946 में जलसेना (नेवी) का विद्रोह हुआ, जिसने…

ट्रेन त्रासदी : इससे पहले कि मुल्क भूल जाए वह दर्दनाक हादसा !

सवाल सिर्फ़ तत्कालीन हुकूमतों का ही नहीं है ! नागरिकों की एक बड़ी आबादी भी कुछ तो व्यवस्था-जनित कारणों और कुछ निजी तनावों के चलते गहरे अवसाद और मानसिक बीमारियों की शिकार होती जा रही है। समाज में अपराध और…

ख़यालात बदलोगे तो हालात बदलेंगे !

इस दुनिया में प्रागैतिहासिक काल से लेकर आज तक मनुष्य की कहानी ख़यालात बदलने से हालात बदलने की अंतहीन कहानी है। ख़यालात से हालात बदलते ही रहेंगे यह हमारी दुनिया या जिन्दगी का सत्य है। हमारे ख़यालातों से ही पुरातनकाल…

राजस्थान : गायब होते गोचर की लड़ाई

राजस्थान हमारे देश में पशुपालन के लिए जाना जाता है, लेकिन आजकल इसी पशुपालन के लिए सबसे जरूरी चारागाहों को लेकर भारी बवाल मचा है। एक तरफ, जमीन की लगातार बढ़ती ‘भूख’ है तो दूसरी तरफ, दुधारू, खेतिहर पशुओं के…

विकास : आँकड़े बदले हैं, गरीबी नहीं

आज फिर चुनावी राजनीति में गरीब और खास तौर से गरीबों की संख्या मुद्दा बनती जा रही है और संभव है काफी सारे मुद्दे हवा में उछालकर टेस्ट कर चुकी मोदी सरकार को अपनी यह ‘उपलब्धि’ चुनाव जिताने लायक लगे।…

बैंकों में लाये जा रहे बदलाव आमजन के बजाय कॉर्पोरेट के हितों में अधिक

बैंकिंग का बदलता स्वरूप और आमजन पर उसका असर विषय पर डॉ. देवीदास तुलजापुरकर  का व्याख्यान इंदौर। बैंकों का राष्ट्रीयकरण 54 वर्ष हुआ था। तब से अब तक बैंकों की कार्यप्रणाली एवं नीतियों में बड़े बदलाव आये हैं। उदारीकरण की…

सुविधा की सड़कों पर जान क्यों इतनी सस्ती है?

देश में प्रतिदिन करीब 415 लोग यानी प्रति वर्ष डेढ़ लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। हमारे देश की तुलना में अमेरीका में पांच गुणा दुर्घटनाएं होती है तो जापान में लगभग हमारे देश जितनी ही, लेकिन वहां…

न्यायपालिका बनाम सरकार : कौन किसे सुधारे ?

जजों की नियुक्ति संविधान की धारा 217 के तहत होती है जिसमें आरक्षण की बात ही नहीं है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के अपने चर्चित फैसले मे साफ कहा था कि नियुक्तियों के समय समाज के सभी वर्गों के…

सादगी भरी जीवन शैली के त्रिसूत्र : श्रमनिष्‍ठ, प्रकृति सम्‍मत और मूल्‍यपरकता

National Simplicity Day 2023 सादगी से जीवन जीने के लाभ की महत्ता को बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष 12 जुलाई को राष्ट्रीय सादगी दिवस (National Simplicity Day) लेखक और दार्शनिक हेनरी डेविड थोरो (Henry David Thoreau) के सम्मान में मनाया जाता…

Maharashtra : ‘दादा’ का चुनाव चिन्ह, डिटर्जेंट पाउडर और भाजपा की वाशिंग मशीन !

महाराष्ट्र Maharashtra के घटनाक्रम से भारतीय जनता पार्टी को राज्य में अखंड सौभाग्यवती रहने का वरदान प्राप्त हो गया है या जो कुछ चल रहा है वह अरब सागर से मुंबई के तटों पर उठने वाली किसी राजनीतिक सूनामी के…