विचार

शिक्षा : ‘एड-टेक’ की उठा-पटक !

शिक्षा,खासकर बुनियादी शिक्षा समाज और सरकार की नजरों में लगातार गैर-जरूरी होती जा रही है। इस बदहाली का लाभ उठाने के लिए अनेक निजी कंपनियां खडी हो रही हैं जिनका एकमात्र उद्देश्य भरपूर मुनाफा कूटना होता है। ऐसे में विद्यार्थियों…

मध्य प्रदेश में बढ़ रहा साइबर अपराध , शिकार हो रहे बच्चे

आज 6 फरवरी है । यह दिन भारत में भी सुरक्षित इंटरनेट दिवस के रूप में मनाया जाता है । इसका उद्देश्य इंटरनेट का उपयोग ज्ञान और मनोरंजन के लिए करने के साथ ही इंटरनेट से होने वाले विभिन्न प्रकार…

कानून : न्याय में विलंब का बड़ा कारण वकीलों की हड़तालें

न्यायपालिका लोकतंत्र का तीसरा सबसे अहम् स्तम्भ है| सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों के बावजूद आये दिन निचली अदालतों में वकीलों की हड़तालें जारी हैं| वकील हडताल पर जाकर स्वयं उसी सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ जाते रहते हैं जो न्याय…

गांधी पुण्‍य स्‍मरण : साकार गांधी,निराकार गांधी!

आज से 76 साल पहले महात्मा गांधी हम सबसे सदा के लिए विदा हुए थे। उनके जाने के बाद का समय हमारे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास का समय रहा है, लेकिन इस दौर में गांधी एक प्रस्थान–बिन्दु की तरह…

सामयिक : भरोसे को भूलती दुनिया

ध्यान से देखें तो आज के दौर की समस्याओं, खासकर निजी समस्याओं को आपसी भरोसे के बल पर निपटाया जा सकता है, लेकिन विडंबना है कि इस मामूली बात को कोई समझना नहीं चाहता। कैसे इस भरोसे को पुनर्स्थापित किया…

सीवर की सफाई में शहादत

आजादी के साढ़े सात दशकों बाद भी सीवर-सेप्टिक टेंक की सफाई में जान देते अनेक सफाईकर्मी हमारे विकास का ही मुंह नहीं चिढाते, बल्कि उस सामाजिक ताने-बाने को भी शर्मिंदा करते हैं जिसमें एक तबके को दूसरे की वीभत्स गंदगी…

राममय लोक मानस

इन दिनों समूचा देश अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के चलते राममय दिखाई दे रहा है, लेकिन क्या हमारे मनीषी अपने राम को इसी तरह मानते थे? क्या थीं, उनकी धारणाएं? प्रस्तुत है, इसी विषय पर अनिल त्रिवेदी की…

National Girl Child Day 2024 : बालिकाओं की सुरक्षा के हो गम्भीर प्रयास

24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस लड़कियों को सशक्त बनाने और समाज में उनके सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के महत्व को उजागर करने के लिए भारत में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस National Girl Child Day…

‘23 की हिंसा ‘24 में कितना बड़ा रिकॉर्ड क़ायम करेगी ?

फ़िल्मों में प्रदर्शित की जानी वाली अतिरंजित हिंसा और सड़कों पर व्यक्त होने वाली असली सांप्रदायिक हिंसा से फ़िल्म उद्योग, सेंसर बोर्ड,राजनीति, धर्म और समाज किसी को कोई परेशानी नहीं है। सत्ताधीशों के लिए जिस तरह से धर्म पैंतीस पार…

शिक्षा : थके हुए शिक्षक को चाहिए थोड़ा आराम भी

पेशेवर विकास के लिए शिक्षकों के पास पर्याप्त अवसर होने चाहिए| इससे उनका हुनर बढेगा और वे शिक्षण के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों से परिचित होंगे| शिक्षकों के ऐसे समूह होने चाहिए जिसमें वे एक दूसरे की सहायता…