स्‍वास्‍थ्‍य

कोरोना प्रभावित श्रमिकों की सुध लीजिए

कोरोना यानि ‘कोविड-19’ ने देश की कामकाजी आबादी को सर्वाधिक संकट में डाल दिया है। संक्रमण के डर और बिना उत्‍पादन के बैठे-बिठाए रखने-खिलाने की जिम्‍मेदारी ने छोटे और मझौले उद्योगों को मजदूरों से मुंह फेरने के लिए मजबूर कर…

कोरोना पीडितों के लिए कितने तैयार हैं, हमारे स्‍कूल?

मौजूदा महामारी से घबराकर अपने-अपने गांवों-घरों की ओर लौटते लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे रास्‍ते के स्‍कूलों में ‘लॉक डाउन’ के चलते कुछ दिन रुक जाएं। यह आग्रह उनसे भी किया जा रहा है जो शहरों,…

कोरोना के समय में क्‍या करें

‘कोविड-19’ के संसार-व्‍यापी संकट से निपटना कोई ‘रॉकेट साइंस’ नहीं है। कुछ सावधानियां बरतकर इससे आसानी से निपटा जा सकता है। सवाल है कि क्‍या हम अपनी आम, रोजमर्रा की मामूली आदतों को बदलने के लिए तैयार हैं? खासकर तब,…

‘कोविड’ की त्रासदी और विकेन्द्रित अर्थव्‍यवस्‍था

पिछले साल दिसम्‍बर में चीन से निकला वायरस ‘कोविड-19’ दुनियाभर को हलाकान किए है। अब तक उससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और हजारों ने अपनी जानें दी हैं। क्‍या इस तबाही का कोई जोड हमारी अर्थव्‍यवस्‍था से भी है?…

कुपोषण से दूर समाज के लिए संजीवनी है पारंपरिक इलाज

दुनिया के सभी देशों में कुपोषण की समस्या बढ़ रही है। इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्‍टीट्यूट (आइएफपीआरआइ) द्वारा जारी ‘ग्लोबल न्यूट्रीशन रिपोर्ट’ के मुताबिक, प्रत्येक तीन में से एक व्यक्ति कुपोषण के किसी-न-किसी प्रारूप का शिकार है। कुपोषण के बचाव…

महिलाओं में टी बी बरास्ता कुपोषण

भारतीय महिलाएं खान-पान की देशज संस्कृति और गरीबी के चलते बड़ी संख्या में तपेदिक(टी. बी.) का शिकार हो रही हैं। बढ़ती गरीबी और कुपोषण ने इस बीमारी को जैसे पंख लगा दिए हैं और यह धीरे-धीरे महामारी की ओर कदम…

सावधान: डिटरजेन्ट्स भी स्वास्थ्य के लिए खतरनाक

एस.एम.मोहम्मद इदरीस क्या आपके हाथों में खुरदरापन रहता है ? क्या वे सूखे रहते हैं ? और उनमें दरारें पड़ गई हैं ? इसका कारण वे’’ नींबू की ताजगी वाले’’ डिटरजेंट हो सकते है जिन्हें आप बर्तन या फर्श साफ…