कोरोना

विविधता का विवेक : कठिन समय की सीख

कोविड-19 सरीखी महामारियां हमें अपनी मौजूदा व्यवस्था की बदहाली बताने के अलावा यह चेतावनी भी देती हैं कि हमारा जीवन-यापन का तरीका बेतुका और आत्महंता है। लेकिन क्या हम इसे सुनने-समझने को तैयार हैं? क्या कोविड-19 हमें अपने जीवन को…

‘म्यूटिड’ होकर मारता है, कोरोना

पिछले डेढ-दो साल से कोरोना वायरस का संकट हमें हलाकान किए है। एलोपैथी, होम्योपैथी से लेकर आयुर्वेद तक में इसके तरह-तरह के इलाज पता चले हैं। प्रस्तुत है, आयुर्वेद की दृष्टि से कोरोना वायरस को समझने की एक पद्धति पर…

स्वास्थ्य आपातकाल में अनिश्चितकालीन हड़ताल गए जूनियर डॉक्टर्स की मांगों की पैरवी

जन स्वास्थ्य अभियान ने आंदोलन के समर्थन में लिखा मुख्यमंत्री को पत्र इंदौर/ भोपाल, 6 जून 21 । जन स्वास्थ्य अभियान ने प्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जूनियर डॉक्टर्स के आंदोलन के समर्थन में पत्र लिखकर उनकी मांगों को…

कोरोना की संभावित तीसरी लहर

कोरोना वायरस से उपजी कोविड-19 बीमारी के अब तीसरे दौर की बातें होने लगी हैं, लेकिन पहले और दूसरे की तरह इस तीसरे दौर के लिए भी तैयारी नहीं दिखती। यदि कोविड-19 के तीसरे दौर को रोकना हो तो क्या…

कानून की कमी से बच रहे, ‘प्राणवायु’ के जमाखोर

बुनियादी बातों की अनदेखी का एक और कारनामा हाल में कोविड-19 की चपेट में आए मरीजों और उनके तीमारदारों ने भोगा है। ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन और अन्य बेहद जरूरी दवाओं की कालाबाजारी के चलते ये चीजें जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच…

कोरोना का कहर झेलते आदिवासी

पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 की दूसरी लहर के हल्की पडने की खबरें आ रही हैं और तमाम सरकारी, गैर-सरकारी लवाजमा अब तीसरी लहर की तैयारी में जुट गया है, लेकिन क्या हमारे सुदूर गांव-देहातों और आदिवासी इलाकों में भी…

शोध अध्ययन : महज 17 प्रतिशत श्रमिक ही जानते है मुफ्त राशन योजना के बारे में

शोध : सेंटर फॉर लेबर रिसर्च एंड एक्शन ने जारी किया सार संक्षेप, श्रमिकों में टीकाकरण को लेकर डर देश में कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच गैर संगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को काम के दिनों का काफी…

बेकाबू होता कोरोना : बेहतर स्वास्थ्य का ढांचा वक्त की मांग

कोरोना वायरस से पैदा हुई कोविड-19 बीमारी ने दुनियाभर में कहर ढा रखा है, जबकि इससे बचने-निपटने में एक हद तक आत्मानुशासन, संयम और स्वास्थ्य-सुविधाएं कारगर साबित हो रहे हैं। क्या है, इनकी मौजूदा हालत? भारत समेत दुनिया के कई…

कोरोना : हम इतने लापरवाह कैसे हो सकते हैं?

कोरोना वायरस की भीषण त्रासदी ने केन्द्र और राज्य सरकारों की लापरवाहियों की पोल खोलकर रख दी है। उन्होंने समय रहते थोडी समझदारी से काम लिया होता तो आज हम इस बदहाली में नहीं फंसे होते। वे केवल ‘केन्द्रीय स्वास्थ्य…

एम्स ऋषिकेश में भर्ती पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा की हालत स्थिर ; ऑक्सीजन सपोर्ट जारी

एम्स ऋषिकेश में भर्ती कोविड उपचाररत पर्यावरणविद् एवं चिपको आंदोलन के प्रणेता सुन्दरलाल बहुगुणा की हालत स्थिर बनी हुई है। उनका आक्‍सीजन लेबल 96 प्रतिशत है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश के कोविड वार्ड में भर्ती पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा…