कानून

वैश्विक समझौतों की बिसात पर छोटे पशुपालक

भारत सरीखे कृषि प्रधान देश में वैश्विक व्यापार समझौतों का सीधा असर कृषि और किसानों पर होता है। वैसे भी हमारे यहां कृषि और पशुपालन, प्राथमिक रूप से व्यापार की बजाए पेट भरने की तकनीक मानी जाती है और ऐसे…

केंद्र सरकार से किसानों का विश्वास टूटा, व्यापार समझौते और नए विधेयक किसान विरोधी — भाकियू

नई दिल्ली, 11 फ़रवरी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने भारत सरकार द्वारा अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ किए गए हालिया व्यापार समझौतों और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावित विधेयकों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि इन कदमों…

संविधान की रोशनी में गणतंत्र : गरीब कैदियों के लिए इंसाफ की पुकार

संविधान का सर्वाधिक महत्वपूर्ण काम उसे अमल में लाना है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों के चलते आजादी के अस्सी साल बाद भी हाशिये पर ही हैं। राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल में एक…

अरावली की परिभाषा अब संवैधानिक सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरणविद् राजेंद्र सिंह की हस्तक्षेप याचिका स्वीकार की

नईदिल्‍ली, 20 जनवरी। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा और संरक्षण से जुड़ी अपनी चल रही सुओ मोटो कार्यवाही में हस्तक्षेप की मांग करने वाली दायर एक अर्जी को स्वीकार कर लिया है। नियामक विखंडन और पारिस्थितिक…

‘मनरेगा’ को मारकर आया ‘जी राम जी’

बीस साल पहले जिस संसद ने रोजगार की मांग आधारित गारंटी के जिस अनूठे कानून को सर्वसम्मति से पारित किया था, उसी संसद ने अभी पिछले हफ्ते उसी कानून को खारिज कर नए ‘वीबी – जी राम जी’ कानून को…

भविष्य निधि : कर्मचारी हित बनाम प्रशासनिक सुविधा

सम्पत्ति बढ़ाने की जुगत में सरकारें बीमा और बैंकों में लगी आम लोगों की पूंजी को बाजार के हवाले कर रही हैं। अब यह कारनामा कर्मचारियों की भविष्य निधि तक पहुंच गया है। ऐसा करने के लिए पारदर्शिता, आसान प्रक्रिया…

विचार : क्या गवई के ‘धैर्य’ से सत्ता के सिंहासनों की चूलें हिल गईं ?

न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने 6 अक्‍टूबर के उस अपमानजनक क्षण में जिस असाधारण धैर्य का परिचय दिया, उसने न केवल न्यायपालिका की गरिमा की रक्षा की, बल्कि सत्ता और समाज दोनों को गहरे आत्ममंथन के लिए विवश कर दिया।…

न्याय, धर्म निरपेक्षता और हमारा समाज

ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके और रिटायरमेंट के बाद बतौर वकील सक्रिय न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर ने 7 सितंबर को दिल्ली के ‘इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर’ में एक महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। यहां इसके संपादित अंश दिए गए हैं।) अमन…

जीनोम एडिटेड धान पर वैज्ञानिकों और नागरिकों की आपत्ति, केंद्रीय कृषि मंत्री को भेजा पत्र

जी.एम. मुक्त भारत गठबंधन की ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठी पारदर्शी नियमन और जैव सुरक्षा की मांग नई दिल्ली, 26 जून। देशभर के सैकड़ों वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और नागरिकों ने दो जीनोम एडिटेड धान किस्मों की जल्दबाज़ी में स्वीकृति को…

घरेलू हिंसा के खिलाफ पंजाब पुलिस की अनूठी पहल; खुला तीसरा सांझ राहत केंद्र

इंदौर की संस्‍था नई शुरूआत की साझेदारी से मिलेगा घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाओं को समुचित सहारा फतेहगढ़ साहिब,  28 मई |  घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को तत्काल सहायता और परामर्श देने के उद्देश्य से ‘सांझ राहत परियोजना’ का तीसरा…