सप्रेस फीचर्स

उपन्यास : कुछ सवाल, कुछ बेचैनी का संसार है ‘कबिरा सोई पीर है’

जगमोहन सिंह कठैत पुस्‍तक समीक्षा “काबिरा सोई पीर है” को पढ़कर पूरा किये काफी दिन हो गए हैं लेकिन यह किताब दिमाग से उतर नहीं रही है। तो इसके बारे में लिखना जरूरी लगा। शुरू में ही इस बात को…

नदियों को नाथने के नतीजे

सब जानते हैं कि आधुनिक विकास की बुनियाद प्रकृति-पर्यावरण, खासकर नदियों को क्रूरता से नष्ट करने पर टिकी है। यह भी सभी जानते-भुगतते हैं कि प्रकृति-पर्यावरण और नदियों की बर्बादी इंसानों को समाप्त कर सकती है, लेकिन इसे कोई बदलना…

जन-श्रम और प्रकृति का मेल : बेतवा उद्गम स्थल के पुनर्जीवन की पहल

डॉ. परशुराम तिवारी मध्यभारत की प्राचीन नदी बेतवा के उद्गम स्थल झिरी में एक प्रयोग संपन्न हुआ है। 25 से 31 मई 2025 तक आयोजित “बेतवा श्रमदान सप्ताह” में सर्वोदय विचारधारा से प्रेरित समाजसेवियों और ग्रामीणों ने मिलकर केवल श्रम…

संकट में पहाड़, मनुष्य और पर्यावरण

गांधी विचार को मानने वालों में बेहद वरिष्ठ और सम्मानित राधा बहन अपनी देशभर की अनेक जिम्मेदारियों के अलावा बरसों से हिमालय में रहकर उसकी बर्बादी भी देख रही हैं। वे बस भर उन योजनाओं पर उंगली उठाती रहती हैं…

जीएम और जीनोम संपादन : किसानों के लिए वरदान या कॉरपोरेट का जाल? 

भारत में टिकाऊ खेती और खाद्य सुरक्षा की तलाश ने जेनेटिकली मॉडिफाइड और जीनोम संपादित बीजों को चर्चा में ला दिया है। सरकार इन्हें क्रांतिकारी बताती है, लेकिन बीटी कपास और जीएम सरसों जैसी पिछली असफलताएँ चेतावनी देती हैं। सवाल…

अरुणाचल प्रदेश में मेगा डैम के विरोध में उठती आवाज़ें, मानवाधिकार कार्यकर्ता ईबो मिली पर मामला दर्ज

देश के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के सियांग ज़िले में प्रस्तावित 11,000 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देश्यीय परियोजना (Siyang Upper Multipurpose Project – SUMP) को लेकर स्थानीय समुदायों, पर्यावरणविदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से तीव्र विरोध सामने आ रहा…

शिक्षा : अंकों की होड़ में कुछ अनुत्‍तरित सवाल

हर साल बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों के बाद मीडिया में रिकॉर्ड तोड़ अंकों की बाढ़ सी आ जाती है। छात्र-छात्राएँ 100 में 100 लाकर ‘उत्कृष्टता’ के प्रतीक बन जाते हैं। लेकिन इस होड़ में क्या हम शिक्षा के असल उद्देश्य…

मिथकों से विज्ञान तक : भ्रमों की परतें हटाती एक संवादात्मक पुस्‍तक

गौहर रज़ा की किताब “मिथकों से विज्ञान तक” सिर्फ़ विज्ञान की बात नहीं करती, बल्कि सोचने की आज़ादी का जश्न मनाती है। यह किताब पढ़ते हुए पाठक अपने पुराने ‘सच’ को नए सवालों की रोशनी में देखने लगता है। यह…

International Museum Day – संग्रहालय : खामोश दीवारों के ज़िंदा दस्तावेज़

हर वर्ष 18 मई को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस हमें यह याद दिलाता है कि संग्रहालय केवल अतीत की वस्तुओं का भंडार नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद और नवाचार के मंच हैं। वर्ष 2025 की थीम—“तेजी से बदलते समुदायों…

तीन दशक के संघर्ष के बाद सांगानेर को मिली बड़ी सौगात, सुप्रीम कोर्ट ने 300 बेड के हॉस्पिटल को दी मंजूरी

ओपन जेल परिसर में बनेगा सैटेलाइट अस्पताल, महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे 100 बेड जयपुर, 16 मई। सांगानेर क्षेत्र के नागरिकों के लंबे संघर्ष को आखिरकार न्यायिक मान्यता मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सांगानेर ओपन जेल परिसर में 300…