आम चुनाव : मोदीजी ने क्यों पूछा कि क्या इंदौर में ज़्यादा वोटिंग नहीं होगी ?
राज्य में हुकूमत भाजपा की ही है फिर भी मोदीजी की पार्टी डरी हुई है ? डर का कारण इतना भर है कि चार जून को मोदी जी के सामने मुँह कैसे दिखाना है ! ‘बम कांड’ के कारण चर्चा…
पोहे-कचोरी भूल जाइए! ‘स्वच्छ’ इंदौर को अब इस ‘शर्म’ के लिए याद रखिए!
श्रवण गर्ग लता मंगेशकर, कर्नल सी के नायडु,उस्ताद अमीर खाँ और एम एफ़ हुसैन जैसी हस्तियों के शहर इंदौर के कोई 25 लाख मतदाता हैरान-परेशान हैं कि अब 13 मई को उन्हें क्या करना चाहिए जिस दिन चौथे चरण का…
विपक्ष नहीं ! जनता की एकता से डरना चाहिए !
करोड़ों ग़रीबों को मुफ़्त का अनाज बाँटा जा सकता है पर उन्हें भारत रत्नों से विभूषित करके भी राजनीतिक विपक्ष की तरह तोड़ा नहीं जा सकता। न तो नीतीश और न ही जयंत चौधरी ही देश के असली विपक्ष का…
‘23 की हिंसा ‘24 में कितना बड़ा रिकॉर्ड क़ायम करेगी ?
फ़िल्मों में प्रदर्शित की जानी वाली अतिरंजित हिंसा और सड़कों पर व्यक्त होने वाली असली सांप्रदायिक हिंसा से फ़िल्म उद्योग, सेंसर बोर्ड,राजनीति, धर्म और समाज किसी को कोई परेशानी नहीं है। सत्ताधीशों के लिए जिस तरह से धर्म पैंतीस पार…
मुफ़्त अनाज और चुनावी रेवड़ियाँ जनता का मुँह बंद करने के लिए हैं ?
ग़रीबों को मुफ़्त अनाज देने की योजना की अवधि लोकसभा चुनावों के पहले दिसंबर में समाप्त होना थी। चूँकि ग़रीबों के हितों को लेकर सरकार लगातार चिंतित रहती है और संयोग से पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव भी इसी बीच…
ट्रेन त्रासदी : इससे पहले कि मुल्क भूल जाए वह दर्दनाक हादसा !
सवाल सिर्फ़ तत्कालीन हुकूमतों का ही नहीं है ! नागरिकों की एक बड़ी आबादी भी कुछ तो व्यवस्था-जनित कारणों और कुछ निजी तनावों के चलते गहरे अवसाद और मानसिक बीमारियों की शिकार होती जा रही है। समाज में अपराध और…
Gandhian Organisation : संस्थाओं को बचाना है ? पहले गांधी को बचाइए !
गांधी और सर्वोदय समाज के अधिकांश सेवक सिर्फ़ संस्थाएँ और उनकी ज़मीनें बचाना चाहते हैं, गांधी को नहीं ? वे संघ और भाजपा की भगवा सत्ता से इसलिए नहीं लड़ पाएँगे कि दोनों ही अपनी पूरी ताक़त के साथ सावरकर-गोडसे…
मणिपुर को दूसरा कश्मीर बनने से रोका जाना चाहिए!
मणिपुर की त्रासदी ने भारत के ही एक अति-संवेदनशील भूभाग को भारत की ही आत्मा से और दूर कर दिया है। वहाँ के नागरिकों को महसूस ही नहीं होने दिया जाता है कि वे भी हमारे ही शरीर के अंग…
Maharashtra : ‘दादा’ का चुनाव चिन्ह, डिटर्जेंट पाउडर और भाजपा की वाशिंग मशीन !
महाराष्ट्र Maharashtra के घटनाक्रम से भारतीय जनता पार्टी को राज्य में अखंड सौभाग्यवती रहने का वरदान प्राप्त हो गया है या जो कुछ चल रहा है वह अरब सागर से मुंबई के तटों पर उठने वाली किसी राजनीतिक सूनामी के…
ओबामा पहले अमेरिका के गिरेबान में झांक कर देखें!
ओबामा को समझाया जाना चाहिए कि मोदी-शाह-योगी भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा नहीं हैं। भारत की मूल आत्मा सर्वधर्म समभाव की है और यही राष्ट्र का स्थायी चरित्र है। ऐसा नहीं होता तो सवा दो सौ सालों (1526-1761) में मुग़ल…









