राज कुमार सिन्हा

विकास : बीत चुका है, हिमालय को सुनने का समय  

मौजूदा विकास की बेहूदगी से किसी तरह अब तक बचे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के वाशिंदे चीख-चीखकर गुहार लगा रहे हैं कि अगले दस-पंद्रह सालों में उनके राज्यों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। आप यदि ध्यान से इन दिनों आने…

पंजाब : बाढ़ के समय बांध से पानी छोड़ा जाना काल बन गया

भारत में बांधों को सिंचाई, बिजली और बाढ़ नियंत्रण का जरिया माना जाता है, लेकिन हालिया अनुभवों ने उनकी सीमाएँ उजागर कर दी हैं। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की बारिश से भाखड़ा, पौंग और रंजीत सागर बांधों से छोड़े गए पानी…

रेत खनन और पर्यावरणीय मंजूरी पर सर्वोच्‍च फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिना नदी पुनर्भरण अध्ययन के जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। पर्यावरणीय स्वीकृति तभी दी जा सकती है, जब जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में नदी की वार्षिक प्राकृतिक पुनर्भरण क्षमता का आकलन शामिल हो। सुप्रीम कोर्ट…

World Indigenous Day : मौजूदा विकास के विपरीत है,  आदिवासी जीवन  

आदिवासी समाज की बदहाली को देखना-समझना चाहें तो आसानी से उस संवेदनहीनता पर उंगली रखी जा सकती है जिसे लेकर सत्ता, सेठ और समाज आदिवासियों को अपनी तरह के विकास की चपेट में फांसने में लगे हैं। कमाल यह है…

प्राकृतिक व जैविक खेती ही समाधान

देश के गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘प्राकृतिक’ और ‘जैविक’ खेती की पैरवी करते हुए खुद को इन पद्धतियों का प्रशंसक बताया था। केन्द्रीय कृषि बजट के 70 फीसदी को उर्वरक सब्सीडी में लगाने वाली सरकार के वरिष्ठ…

पर्यावरण : ‘कैम्पा’ से रोकी जा सकती है, वनों की कटाई

हमारी नीतियां, खासकर वन संबंधी नीतियां, इस अवधारणा पर टिकी होती हैं कि उपभोग के बाद हम अपने प्राकृतिक संसाधनों को वापस पुनर्जीवित कर लेंगे। वनों की क्षतिपूर्ति की खातिर बना ‘कैम्पा’ इसी विचार की बानगी है, लेकिन क्या इस…

मिट्टी क्षरण और वर्षा पानी को रोकना मरुस्थलीकरण का समाधान

17 जून : विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण आज वैश्विक संकट बन चुके हैं, जो दुनिया की एक-तिहाई भूमि और अरबों लोगों की आजीविका को प्रभावित कर रहे हैं। भारत में स्थिति और भी गंभीर है,…

प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण के लिए खतरा, प्रभावी प्रतिबंध जरूरी

विश्व पर्यावरण दिवस केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि धरती की रक्षा के प्रति हमारी सामूहिक जवाबदेही का अवसर है। इस वर्ष का विषय ‘प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना’ हमें चेताता है कि यदि अब भी नहीं चेते, तो यह संकट…

Nuclear energy : पूंजी को परोसी जाती परमाणु ऊर्जा

सन् 2010 में, ‘संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन’ की डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार को डांवाडोल करने वाला परमाणु ऊर्जा कानून लाया गया था। अमरीका की औद्योगिक जमात के उकसावे पर बनाया गया यह कानून दुर्घटना होने पर उसकी समूची जिम्मेदारी से…

वन भूमि अतिक्रमण को लेकर सरकारी दावों में विरोधाभास : आदिवासियों के अधिकारों पर संकट

मध्यप्रदेश में वन भूमि अतिक्रमण को लेकर सरकारी आंकड़ों और दावों में गंभीर विरोधाभास सामने आया है। एनजीटी में प्रस्तुत हलफनामे में जहां 5.46 लाख हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण की बात मानी गई है, वहीं वन विभाग की रिपोर्टें पुराने…