प्रमोद भार्गव

स्वतंत्र लेखक और पत्रकार हैं। लेखन में किशोरावस्था से ही रुचि रही। पहली कहानी मुम्बई से प्रकाशित नवभारत टाइम्स में छपी। फिर दूसरी प्रमुख कहानी ‘धर्मयुग’ में और सिलसिला चल निकला। 1987 में ‘जनसत्ता’ में पत्रकारिता से जुड़ गए। जिला एवं प्रदेश स्तरीय पत्रकरिता करते हुए धर्मयुग में भी कई रपटें लिखीं। सम्प्रति सम्पादक, शब्दिता संवाद सेवा, संवाददाता आज तक, शिवपुरी से जुडे है। देश के हिंदी अखबारों के लिए स्‍वतंत्र लेखन करते है। सप्रेस से बहुत प्रारंभ से जुडे हुए है।

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