ग्रामीण पत्रकारिता के खतरे
सर्वाधिक खतरे उठाते हुए न्यूनतम संसाधनों में पत्रकारिता करने वाले हमारे कस्बाई, ग्रामीण पत्रकारों की हालत किसी से छिपी नहीं है। कई बार सत्ता और सेठों की खबर देते, लेते हुए अपनी जान तक की बाजी लगाने वाले ऐसे पत्रकारों…
सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक
सर्वाधिक खतरे उठाते हुए न्यूनतम संसाधनों में पत्रकारिता करने वाले हमारे कस्बाई, ग्रामीण पत्रकारों की हालत किसी से छिपी नहीं है। कई बार सत्ता और सेठों की खबर देते, लेते हुए अपनी जान तक की बाजी लगाने वाले ऐसे पत्रकारों…