कविता कबीर

हमारा पैसा हमारा हिसाब : क्‍या कॉरपोरेटस् हमारे बैंकों को डूबो देंगे ?

क्रेडिटसाइट्स के एक अध्ययन से पता चला है कि भारतीय बैंकों के कुल ऋण का 45% कॉरपोरेट ऋण है। अगर ये ऋण न चुकाये जाएँ तो ये अपने साथ कई बैंकों को डुबो देंगे। इसके बावज़ूद, सरकारी बैंक भी कॉरपोरेट…

हमारा पैसा हमारा हिसाब : मुफ्त की रेवडियों से किसको है डर। क्‍या है असली कहानी।

प्रधानमंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मुफ्त सुविधाओं के खिलाफ आम सहमति बनती दिख रही है। गरीबों के लिए मुफ्त या सब्सिडी वाला अनाज, बिजली या स्वास्थ्य सेवाएं अचानक सभी वित्तीय चिंताओं का मूल कारण बन गई हैं। लेकिन कंपनियों…

GST बनाम गब्‍बरसिंह टैक्‍स : हमारा पैसा हमारा हिसाब

जीएसटी की शुरुआत टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और डबल टैक्स से बचने के लिए की गयी थी। लेकिन अब हर रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीज पर टैक्स देना पड़ रहा है। इसमें सबसे नया है- आटा,…

हमारा पैसा हमारा हिसाब : वापस आया बिजली संशोधन बिल

किसानों के लंबे आंदोलन की वजह से बिजली बिल को वापस ले लिया गया था। लेकिन अब सरकार इसे पार्लियामेंट के अगले सत्र में वापस लाना चाहती है। किसानों के साथ किए गए वादे को भूल कर, इस बिल के…

हमारा पैसा हमारा हिसाब : वापस आया कोयले संकट, क्‍या है इसके पीछे की कहानी

भारत बिजली की कमी और कोयला संकट से जूझ रहा है। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश अपने बिजली संयंत्रों को माल उपलब्ध कराने में लगातार विफल क्यों हो रहा है? केंद्र सरकार मांग में वृद्धि का अनुमान…

मालदार पे मलाई टैक्‍स – हमारा पैसा हमारा हिसाब

आज पूरा देश आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। सरकार खुद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की संपत्ति पट्टे पर दे रही है या बेच रही है। केवल 1 प्रतिशत सबसे अमीर लोग ऐसे हैं जो इस सब से बिल्कुल अप्रभावित…

समसामयिक स्थायी स्तम्भ

हमारा पैसा हमारा हिसाब नया एपिसोड : 34 लाख नौकरियां कहां गई, बेरोजगारी का संकट

एक तरफ बेरोजगारी दर कम हुई है, वहीँ रोजगार दर भी कम हो रही है। साथ ही सभी देशों में तेल की कीमतों में उछाल नए रिकॉर्ड बना रहा है। पेश है सेंटर फॉर फाइनेंशियल अकाउंटेबिलिटी टीम व्‍दारा तैयार ‘हमारा…

कर्ज़ के जाल में फंसे श्रीलंका : हमारा पैसा हमारा हिसाब

कर्ज़ के जाल में फंसे श्री लंका से हम क्या सीख सकते हैं? कोविड महामारी और यूक्रेन युद्ध के बाद, कई देशों की कर्ज़ की स्तिथि काफी खराब है। क्या मौजूदा आर्थिक ढांचे को बदलने का समय आ गया है?…

व्यापार युद्ध : हमारा पैसा हमारा हिसाब

रूसी अर्थव्यवस्था पर युद्ध जारी रखते हुए अमेरिका के नेतृत्व में एक तरफ दूसरे देशों को रूस के साथ व्यापार न करने को उकसाया जा रहा है तो दूसरी तरफ चीन, रूस का एक भरोसेमंद साथी बनकर उभर रहा है।…

हमारा पैसा हमारा हिसाब : डिजिटल मुद्रा

भारत में डिजिटल लेनदेन में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालाँकि यहाँ एक बड़ा हिस्सा इसके बारे में बिल्कुल भी समझ नहीं रखता है, लेकिन सरकार अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल लेनदेन के लिए बाध्य करने के नये तरीके लेकर…