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जनगणना, परिसीमन और जनसांख्यिकीय बदलावों पर नागरिक समाज की मजबूत स्वतंत्र पहल की आवश्यकता: गणेश देवी

जनगणना, परिसीमन और जनसांख्यिकीय बदलावों पर नागरिक समाज की मजबूत स्वतंत्र पहल की आवश्यकता: गणेश देवी

भोपाल, 1 जुलाई। गांधी भवन भोपाल में एसआईआर, जनगणना एवं परिसीमन पर आयोजित बैठक में प्रख्यात चिंतक एवं भाषाविद् गणेश देवी ने कहा कि आगामी जनगणना और उसके बाद प्रस्तावित परिसीमन देश के सामाजिक, भाषाई और राजनीतिक भविष्य पर व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि नागरिक समाज को इन प्रक्रियाओं पर गंभीरता से विचार करते हुए स्वतंत्र जनसांख्यिकीय अध्ययन की पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कराई जाने वाली जनगणना में धर्म, भाषा और जनसंख्या संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण भविष्य की नीतियों और परिसीमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनके अनुसार इन आंकड़ों का अध्ययन पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए तथा समाज को भी स्वतंत्र रूप से इन परिवर्तनों का आकलन करना चाहिए।

गणेश देवी ने सुझाव दिया कि देश के प्रत्येक जिले में नागरिक समाज की जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफीक) समितियां गठित की जाएं। जिस प्रकार पीपुल्स लिंगयूस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया किया गया था, उसी प्रकार एक पीपुल्स डेमोग्राफिक सर्वे भी संचालित किया जा सकता है। उनका सुझाव था कि दो दिनों के स्थानीय सर्वेक्षण के माध्यम से आवश्यक सूचनाएं एकत्र कर मार्च 2027 तक सर्वेक्षण पूरा किया जाकर पीपुल्स डेमोग्राफिक रिपोर्ट तैयार किया जाए।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य संविधान के मूल्यों के अनुरूप समाज को तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराना और नागरिक भागीदारी को मजबूत करना होना चाहिए। उन्होंने इसे “समाज की शक्ति” का उदाहरण बताते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक संगठन का अभियान नहीं बल्कि नागरिक समाज की स्वतंत्र पहल होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी संगठन से जुड़े नहीं हैं और एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में यह विचार रख रहे हैं।

इस कार्यक्रम में गुजरात के अशोक चौधरी आदिवासी समन्वय मंच भारत, कुसुम रावत, राजस्थान, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राजकुमार सिन्हा, भारत जन आंदोलन के विजय भाई, किसान संघर्ष समिति के आराधना भार्गव, किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिव सिंह,सिलकोसिस पीङित संघ के मोहन सुल्या, नर्मदा बचाओ आंदोलन के भगवान भाई, जिंदगी बचाओ अभियान के अमूल्य निधि और राम प्रसाद काजले, वामपंथी शैलेंद्र शैली और सत्यम पांडे,सत्यम श्रीवास्तव आदि की उपस्थिति थी। कार्यक्रम का संचालन किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम ने किया।  

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में डॉ गणेश देवी द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं के अनुरूप प्रदेश के जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और पीपुल्स सेंसस वाॅच के साथ मिलकर  सरकार के षड्यंत्रों को विफल करने का प्रयास किया जाएगा।

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