Sarvodaya Press Service

सर्वोदय प्रेस सर्विस – फीचर्स सेवा के छ: दशक

Year: 2026

लोनी नदी अध्ययन यात्रा पर निकले मंगल भूमि फाउंडेशन के स्वयंसेवक

शंकरगढ़ (प्रयागराज)। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को लेकर जनजागरण के उद्देश्य से मंगल भूमि फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने लोनी नदी की अध्ययन यात्रा शुरू की है। यात्रा के दौरान स्वयंसेवक नदी की वर्तमान स्थिति, जल प्रवाह, प्रदूषण, अतिक्रमण,…

जैव-विविधता की मार्फत बचाया जा सकता है, पर्यावरण

पर्यावरण बचाने की पहल जैव-विविधता को संरक्षित करने से शुरु होती है। जैव-विविधता को समझकर उसे बचाने की कोशिश पर्यावरण को भी चाक-चौबंद रख सकती है। क्या है, जैव-विविधता की अहमियत? इसे कैसे सजाया-संवारा जा सकता है? प्रकृति केवल एक…

फिलिस्तीन : सांप्रदायिकता से बड़ा साम्राज्यवाद

पश्चिमी मीडिया ने लगातार उछाला है कि ईरान-इजरायल-अमेरिका के संघर्ष में मुस्लिम देशों का शिया-सुन्नी विभाजन भी अहम भूमिका अदा करता है, जबकि गहराई से देखें तो पूंजी और प्रभाव के सामने साम्प्रदायिकता का यह नजरिया बेकाम साबित होता है।…

नीले धुएँ की धरती : ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’

समाज और सरकार चाहे तो पर्यावरण को पुनर्जीवित किया जा सकता है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण अमरीका के टेनेसी और नार्थ कैरोलीना राज्यों की सीमाओं से लगा ‘ग्रेट स्मोकी माउंटेन्स’ है। करीब सौ साल पहले कानून बनाकर प्रकृति को उसके…

पर्यावरण संरक्षण : केवल पौधारोपण नहीं, जीवनशैली में बदलाव भी जरूरी

विश्व पर्यावरण दिवस केवल पौधे लगाने का संदेश नहीं देता, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान करता है। जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपभोग जैसे छोटे-छोटे प्रयास…

World Environment Day : पर्यावरण संरक्षण पर टिका है भविष्य

पर्यावरण संरक्षण और संतुलन का प्रश्न आज पूरी मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने पृथ्वी के पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित…

क्या रहने लायक बचे हैं, हमारे शहर ?

चालीस-पेंतालीस डिग्री सेल्सियस की चपेट में आए भारत, खासकर उत्तर भारत में अब आमफहम जीवन भी कठिन-से-कठिनतर होता जा रहा है। खुद के बनाए विकास के तौर-तरीकों से पैदा हो रहे ऐसे हालातों से आखिर कैसे निपटा जाए? इसी पर…

लक्ष्मी आश्रम की गांधीवादी कर्मयोगिनी कांति भट्ट ‘ओदी’ नहीं रहीं

90 वर्ष की आयु में हृदयाघात से निधन, अंतिम समय तक आश्रम की जिम्मेदारियां निभाती रहीं कौसानी, 4 जून। लक्ष्मी आश्रम, कौसानी (उत्‍तराखंड) की वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं गांधीवादी रचनात्मक परंपरा की महत्वपूर्ण हस्ती कांति भट्ट ‘ओदी’ का बुधवार को हृदयाघात…

ओडिशा पहाड़-नदी बचाओ यात्रा संपन्न, खनन विस्तार और आदिवासी विस्थापन पर जताई चिंता

नागावी पहाड़/ओडिशा, 3 जून 2026। ओडिशा पहाड़-नदी बचाओ यात्रा आज संपन्न हुई। यात्रा के दौरान यह बात सामने आई कि ओडिशा में दुर्लभ खनिज (रेयर मैटेरियल) के नाम पर जिस तरह पहाड़ों की कटाई की योजनाएं बनाई जा रही हैं,…

कैसे रोकें, राजस्थान के फैलते मरूस्थल को?

आधुनिक विकास के धतकरमों ने जिस तरह के संकट खड़े किए हैं, उनका निदान अब वापस पुरानी पारंपरिक पद्धतियों में ही दिखाई दे रहा है। मसलन, राजस्थान में फैलते मरुस्थलों को स्थानीय तौर-तरीकों, वनस्पतियों, झाड़-झंखाडों आदि से ही रोका जा…