Month: November 2025

सच्चिदानन्द सिन्हा : समाजवादी विचारधारा के जीवंत मशाल

समाजवादी चिंतक और लेखक सच्चिदानन्द सिन्हा का बुधवार को निधन एक युगांतकारी क्षति है। 98 वर्ष की आयु में विदा हुए सच्चिदानन्द बाबू ने अपनी गहन वैचारिक दृष्टि, सादगीपूर्ण जीवन और दो दर्जन से अधिक पुस्तकों के माध्यम से भारतीय…

पर्यावरण और स्वास्थ्य की राह : क्यों जरूरी है वनस्पति-आधारित आहार?

जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे, जबकि उपभोक्तावादी जीवनशैली ग्रीनहाउस गैसों को और बढ़ा रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार पादप-आधारित आहार अपनाना उत्सर्जन घटाने का प्रभावी तरीका है। पेड़–पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ…

डिजिटल हमलों से डरती महिलाएं

शारीरिक और यौन हिंसा से अक्सर निपटने वाली महिलाओं के सामने ‘डिजिटल हिंसा’ के रूप में अब एक नया ‘जानवर’ खड़ा हो गया है। विडंबना यह है कि आमतौर पर अदृश्य इस जानवर से निपटने के लिए कोई प्रभावी हथियार…

कृषि : खतरे में खेती

भारत-अमरीका के बीच जारी व्यापारिक बातचीत में एक अडंगा ‘जीन संवर्धित’ (जीएम) अमरीकी मक्का और सोयाबीन को भारत में खपाना भी है। यदि इस समझौते को मंजूरी मिल जाती है तो हमारी खेती को अपने समाज और उससे जुड़े सचराचर…

विकास की दौड़ में खोती प्रकृति की सांसें

प्रकृति से बढ़ती दूरी अब केवल भावनात्मक संकट नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व का प्रश्न बन चुकी है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अध्ययन के अनुसार, प्रकृति से अलगाव पर्यावरणीय विनाश का मूल कारण है। औद्योगिकीकरण और शहरीकरण ने विकास तो दिया, पर…

कॉप-30 सम्मेलन : ब्राजील जलवायु सम्मेलन के लिए पेड़ों पर कुल्हाड़ी

ब्राज़ील के बेलेम में आयोजित कॉप-30 जलवायु सम्मेलन का उद्देश्य उष्णकटिबंधीय वनों की रक्षा बताता है, पर विडंबना यह है कि इसी क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 50 हजार पेड़ काटे जा रहे हैं। सम्मेलन में आने वाले नेताओं और विशेषज्ञों…

पेड़ों की मां : दीर्घजीवी सालूमरदा थिमक्का

डॉ. ओ. पी. जोशी पेड़ों की मां (मदर ऑफ़ द ट्रीज) के नाम से प्रसिद्ध गरीब एवं अनपढ़ सालूमरदा थिमक्का का 114 वर्ष की आयु में बैंगलूरू के निजी अस्‍पताल में 14 नवंबर 25 को निधन हो गया। उन्‍हें आलामरदा…

भू-सांस्कृतिक मानचित्र पर प्रकृति–संस्कृति समन्वय पर राष्ट्रीय विचार मंथन

विभिन्‍न एग्रो-क्लाइमेटिक ज़ोन से प्रतिनिधि शामिल, शिक्षा–विज्ञान–डिज़ाइन संस्थानों के विशेषज्ञों ने रखे विचार नई दिल्ली, 16 नवंबर। तरूण भारत संघ के तत्‍वावधान में भू–सांस्कृतिक मानचित्र (Geo–Cultural Map) को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय विचार मंथन कार्यशाला का आयोजन इंडियन नेशनल साइंस…

गांधी दर्शन और विचार शख्सियत

आचार्य विनोबा भावे: अहिंसा, सेवा और सामाजिक न्याय की शाश्वत दृष्टि

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक सुधार के इतिहास में आचार्य विनोबा भावे का व्यक्तित्व अद्वितीय और प्रेरक रहा है। गांधीजी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले विनोबा ने अहिंसा, सेवा और आत्मनिर्भरता को जीवन का आधार बनाया। भूदान आंदोलन, सर्वोदय…

सनातन जीवन-दर्शन : प्रकृति और संस्कृति से जुड़ी जीवन पद्धति

भारतीय जीवन-दर्शन का मूल प्रकृति और संस्कृति के उस सनातन योग में निहित है, जिसने पंचमहाभूतों से सृष्टि की रचना की और मानव जीवन को आचार-विचार, आरोग्य, संतुलन व समृद्धि का मार्ग दिया। जैसे-जैसे यह योग टूटता गया, आर्थिकी, पारिस्थितिकी…