Month: September 2024

एजी नूरानी : एक उद्भट विद्वान की विदाई

जो लोग ‘द हिन्दुस्तान टाइम्स,’ ‘द हिन्दू,’ ‘द स्टेट्समैन,’ ‘फ्रंटलाइन,’ ‘इकॉनॉमिक एण्ड। पोलिटिकल वीकली,’ यहां तक कि पाकिस्तान के ‘डॉन’ और हिन्दी के ‘दैनिक भास्कर’ में एजी नूरानी को लगातार पढ़ते-गुनते रहे हैं, उनकी दर्जनों किताबों को पढ़ते-समझते रहे हैं,…

उत्तराखंड : खुद के भरोसे की खेती

अपनी समझ और संसाधनों की उपलब्धता के चलते किसान कई बार खेती की ऐसी पद्धति वापरते हैं जिससे एक तरफ तो पर्यावरण का संरक्षण होता है और दूसरी तरफ, जीवन जीने लायक उपज मिल जाती है। हिमालय के सुदूर ग्रामीण…

समाज : निजी बदलावों से ही बदलेगा समाज

सब जानते हैं कि समाज को बदलने की शुरुआत निजी जीवन के बदलावों से होती है, लेकिन आम तौर पर इस जानी-पहचानी अवधारणा को हम अनदेखा करते रहते हैं। आदर्श जीवन कुछ बहुत ख्याति प्राप्त या ऊंचे पदों पर पहुंचे…

मध्‍यप्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता दमयंती पाणी को वर्ष 2024 का अमलप्रभा सर्वोदय पुरस्कार दिये जाने की घोषणा

भोपाल, 5 सितंबर। वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित अमलप्रभा सर्वोदय पुरस्कार मध्‍यप्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती दमयंती पाणी, गांधी आश्रम, छतरपुर को प्रदान किया जाएगा। असम के सर्वोदय ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में पुरस्‍कार प्रदान किये जाने का…

छिंदवाड़ा : ‘पेरिस समझौते’ से प्रभावित परासिया

जलवायु परिवर्तन के लिए 196 देशों के बीच हुआ ‘पेरिस समझौता’ ठेठ छिंदवाडा जिले के सुदूर परासिया इलाके में क्या और कितना असर डाल सकता है? वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (डब्लूसीएल) भारत के कोयला मंत्रालय के अन्तर्गत ‘कोल इंडिया लिमिटेड’ का प्रमुख हिस्सा…

वायनाड त्रासदी : लालच के चलते लानत झेलते विशेषज्ञ

केरल का वायनाड हो या उत्तराखंड का जोशीमठ, सभी ने पिछले कुछ सालों में भीषण त्रासदियों को भुगता है। विडंबना यह है कि ये त्रासदियां विकास-के-अंधे राजनेताओं, नीति-निर्माताओं और बिल्डर-ठेकेदारों के कॉकस की पहल पर बाकायदा जानते-बूझते रची जा रही…

खेती : छोटे किसानों की छीछालेदर

कृषि अर्थव्यवस्था के जानकार मानते हैं कि खेती को बरकरार रखने, विकसित करने और सबका पेट भरने की अधिकांश जिम्मेदारी छोटे और सीमांत किसान ही निभाते हैं। जहां 70% ग्रामीण परिवार अभी भी अपनी आय के प्राथमिक स्रोत के रूप…