Year: 2023

समसामयिक : कबीर दास की उल्टी वाणी

चुनावी बुखार ऐसा ही होता है ! आप हमेशा ही सन्निपात में होते हैं, फिर आपको अहसास ही नहीं होता कि आप जो कह रहे हैं वह कहने लायक है या नहीं; और यह भी कि आप जिनका गर्व से,…

तरुण भारत संघ स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2023 से सम्मानित

हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) के संस्थापक डॉ. स्वामी राम के 28 वां महासमाधि दिवस (13 नवम्बर 2023) के अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट ने राजस्‍थान की ख्‍यातनाम संस्‍था तरुण भारत संघ को स्वामी राम मानवता पुरस्कार-2023…

मतदान में प्रयुक्त अमिट स्याही का विज्ञान

चक्रेश जैन फर्ज़ी मतदान रोकने में ‘अमिट स्याही’ की अहम भूमिका रही है। अमिट स्याही की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे मिटाया अथवा धोया नहीं जा सकता। बैंगनी रंग की यह स्याही आम चुनाव का प्रतीक बन गई…

COP28 : पाखंड का पर्यावरण

‘कॉप – 28’ : 30 नवंबर से 12 दिसंबर 2023 पर्यावरण को लेकर सत्तर के दशक में उभरी राजनीतिक सत्ताओं की चिंता अब पाखंड में तब्दील होती जा रही है। तरह-तरह के वैश्विक सम्मेलनों में दुनियाभर के राजनेता भांति-भांति के दावे-वायदे…

बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे समाज

बाल दिवस (14 नवम्बर) पर विशेष देश में प्रतिवर्ष 14 नवम्बर को ‘बाल दिवस’ मनाया जाता है। सही मायनों में बाल दिवस की शुरुआत किए जाने का मूल उद्देश्य बच्चों की जरूरतों को पहचानना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और…

मुफ़्त अनाज और चुनावी रेवड़ियाँ जनता का मुँह बंद करने के लिए हैं ?

ग़रीबों को मुफ़्त अनाज देने की योजना की अवधि लोकसभा चुनावों के पहले दिसंबर में समाप्त होना थी। चूँकि ग़रीबों के हितों को लेकर सरकार लगातार चिंतित रहती है और संयोग से पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव भी इसी बीच…

शिक्षा : बेबसी और उम्मीद के बीच झूलते स्कूल

बहुपठित उपन्यास ‘रागदरबारी’ के एक प्रसंग में कहा गया है कि लगता है, शिक्षा-व्यवस्था सड़क किनारे की ऐसी आवारा कुतिया है जिसे हर कोई गुजरता आदमी बेवजह लात जमा देता है। आजकल शिक्षा में किए जा रहे ना-ना प्रकार के…

दीये की लौ : साधना तथा समर्पण की मिसाल

दीया निहायत सात्विक, सौम्य, शांत और स्निग्ध रोशनी का संचार करता है। दीये की लौ साधना तथा समर्पण की मिसाल है। उसकी सत्ता शाश्वत है। अंधेरी रात जलती दीपमाला निराशा पर आशा का ध्वज फहराती है, दुख से हर्ष की…

दीपावली : पटाखों को ना कहिए

दीपावली के दौरान छोड़े गए पटाखों से वातावरण में न केवल खतरनाक रसायन घुल जाते हैं बल्कि ध्‍वनि प्रदूषण भी हमारे सुनने की क्षमता पर प्रतिकूल असर डालता है। लोगों के कान 85 डेसिबल तक की ध्‍वनि सहन कर सकते…

विधान सभा चुनाव 2023 : जल सहेलियों ने जारी किया अपना घोषणा पत्र

बुन्देलखण्ड के गाँवों को पानीदार बनाने का जल सहेली कर रही हैं प्रयास छतरपुर, 7 नवंबर। छतरपुर में जल सहेली फॉउण्डेशन द्वारा विधानसभा चुनाव 2023 हेतु बुंदेलखंड के विशेष संदर्भ में जन घोषणा पत्र जारी किया गया। जल सहेलियों द्वारा…