Year: 2023

नर्मदा नदी अगले पचास साल में खत्म हो जाएगी

नर्मदा के विशेष सम्‍मेलन में पर्यावरण विशेषज्ञों व जानकारों का मतंव्‍य बड़वानी 8 जून । नर्मदा घाटी : आज और कल की चुनौतियां विषय पर नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा बड़वानी में बुधवार (7 जून) को आयोजित विशेष सम्‍मेलन में नर्मदा…

क्यों जारी है, बाल मजदूरी (child labor) ?

डॉ.विनय कुमार दास भांति-भांति के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय नियम-कानूनों के बावजूद बच्‍चों को कठिन और बदहाल रोजगारों से छुटकारा नहीं है। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बने कानूनों में ही कोई अंतर्विरोध हैं?…

शोध : डायपर मिश्रित कॉन्क्रीट से बना पहला घर

भवन निर्माण में सालाना 50 अरब टन रेत की खपत ताज़ा अध्ययन में जापान के शोधकर्ताओं ने एक साथ दो पर्यावरणीय समस्याओं डायपर का बढ़ता कचरा और बढ़ता रेत खनन को हल करने की कोशिश की है। उन्होंने रेत-सीमेंट-गिट्टी के…

75 वर्ष में आबादी 4 गुना बढ़ी, लेकिन जल स्रोत की संख्या मात्र 4 लाख बढ़ी

धरातल और जल आंदोलन विषय पर पर्यावरणविद डॉ. क्षिप्रा  माथुर का व्याख्यान इंदौर, 7 जून।  भारत में केवल आर्थिक असमानताएं ही नहीं है जल वितरण को लेकर भी बहुत सारी असमानताएं है। एक तरफ ग्रामीण महिलाएं रोजाना 4 किलोमीटर दूर पैदल…

रोजगार सृजन : बांस में है बहुत कमाई

बांस, घास की एक ऐसी प्रजाति है जो हमारे रोजमर्रा के जीवन में बहुतायत से मौजूद है। अब तो उसे पैट्रोल, डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन के साथ मिलाकर वाहनों में भी प्रयोग किया जाने लगा है। दुनिया में भारतवर्ष दूसरे…

क्यों जरूरी है, वन व वन्य जीवों को बचाना

वन्यप्राणियों, पेड-पौधों और अपने आसपास की पारिस्थितिकी को जानते-बूझते, अकारण नुकसान पहुंचाना एक तरह की असभ्य हिंसा है और हम मानव इस कारनामे में अव्वल माने जा सकते हैं। क्या होगा, यदि ऐसा ही चलता रहा तो? जल, वायु और मृदा…

पर्यावरण बिगड़ने के दुष्प्रभाव से चिंतित विश्व

जलवायु परिवर्तन के कारण जल संसाधनों पर दबाव बढ़ता रहेगा और बढ़ते तापमान से सूखे की स्थिति पैदा होगी। जिससे मीठे पानी के महत्वपूर्ण स्रोत प्रभावित होंगे। संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम (यूएनईपी) का मानना है कि पानी के बाद रेत सबसे…

‘संपूर्ण क्रांति’ : 2023 का जून 1974 का 5 जून बन पाएगा कि नहीं ?

आज भाजपा की मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है और इंदिरा गांधी का पोता राहुल गांधी उसे विपक्षी दलों के साथ खड़ा उसी पटना के गांधी मैदान से चुनौती देने का साहस बटोर रहा है। जिस ममता बनर्जी ने…

‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (5जून) : सूचना प्रौद्योगिकी के पर्यावरणीय खतरे

पिछली दो-ढाई सदी में सूचना – प्रौद्योगिकी ने कमाल की प्रगति की है, लेकिन उसी अनुपात में इस तकनीक ने जैविक, इंसानी जीवन के लिए खतरे भी खडे कर दिए हैं। क्या हैं ये खतरे? और किस तरह से मानव…

युवाओं को ऐसी जीवन शैली बनाने की जरूरत जिससे पर्यावरण का हो कम से कम ह्रास

सेवा सुरभि द्वारा प्रकाशित हमारा इंदौर हमारा पर्यावरण पुस्तिका का विमोचन इंदौर, 4 जून । विश्व पर्यावरण दिवस के एक दिन पूर्व इंदौर प्रेस क्लब सभागृह में सेवा सुरभि के बैनर तले हुए आयोजन में निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने कहा…