Month: September 2022

स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं को जमीनी एवं व्यावहारिक सच्‍चाईयों के साथ काम करना चाहिए – पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन

भोपाल, 29 सितंबर। स्वयंसेवी संस्थाओं की नेटवर्किंग एवं कार्यकर्ताओं के दक्षता विकास में संलग्‍न एनजीओ पाठशाला ने अपने द्वितीय स्‍थापना दिवस के मौके पर 28 सितम्बर को समर्थन संस्था परिसर, भोपाल में अंतरराष्‍ट्रीय ख्याति प्राप्‍त वरिष्‍ठ सामााजिक कार्यकर्त्‍ता पद्मश्री डॉ….

उदास समाज के लिए कम ही सही, हँसी तो जरुरी है

हंसने के प्रति आप गंभीर नहीं तो जान लें कि आम तौर पर 23 साल की उम्र के आस पास लोगों का हास्य बोध घटने लगता है| मांसपेशियों के कमज़ोर होने और आखों की रोशनी के घटने से भी ज्यादा…

भारतीय भाषाओं में अकादमिक संसाधनों की ‘अनुवाद सम्पदा’ का अनावरण

अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने किया पहले डिजिटल कोष का निर्माण बेंगलुरु, सितम्बर 21, 2022। अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बंगलौर ने अंग्रेज़ी से भारतीय भाषाओं में अनुवादित अकादमिक संसाधनों के अपनी तरह के पहले डिजिटल कोष का अनावरण किया। यह मुक्त पहुँच…

जन्म शताब्दी वर्ष : संपादकों के संपादक – राहुल बारपुते

26 जून, 1922 को इन्दौर में जन्मे राहुल बारपुते का ‘जन्म शताब्दी वर्ष’ इन्दौर में मनाया गया। साहित्य, कला, संगीत, वास्तु-शिल्प, नाटक और शिल्पकला के दिग्गजों से राहुलजी की प्रगाढ़ मैत्री थी, लेकिन राहुलजी ने अपने आपको सम्मान पुरस्कार और…

सम सामयिक : आज़ादी का अमृत

आज़ाद भारत की इन 75 वर्षों की यात्रा बहुत रोमांचक, उत्तेजक, आह्लादक और प्रेरक रही है। लम्बी पराधीनता के बाद स्वाधीन हुए देश के सामने अनगिनत चुनौतियां थीं। यह देश का सौभाग्य है कि इसे अपने स्वाधीन होने के तुरंत…

कूनो-पालपुर अभ्यारण्य : अब दिखेगी चीतों की रफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 22 को नामीबिया से लाए पिंजरों में बंद आठ चीतों को रिमोट से द्वार खोल, कूनो के जंगलों में स्वच्छंद विचरण के लिए खुला छोड़ दिया। फिलहाल ये चीते पांच किमी व्यास के बाड़े…

विकास : ‘मरीचिकाओं’ के महारथी

कहा जाता है कि राजनीति का कुल मतलब ‘रोटी’ और ‘सर्कस’ होता है, लेकिन लगता है, मौजूदा सत्ता केवल ‘सर्कस’ को ही अहमियत दे रही है। नतीजे में एक तरफ भुखमरी, बेरोजगारी, बीमारी जैसी व्याधियां हैं, तो दूसरी तरफ, रोज…

खेती-किसानी छोड़ आंदोलन की तैयारी में भाजपा के किसान

पिछले साल राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर सालभर से ज्यादा धरना-रत रहे किसानों ने सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में अब एक फिर आंदोलन का मन बनाया है। इसमें सत्तारूढ़ ‘भाजपा’ से जुडे ‘भारतीय किसान संघ’ ने अगुआई का तय…

अहिंसक, सत्याग्रही आंदोलन को बदनाम करना फासिस्ट सरकार की साजिश – प्रफुल्ल सामंतरा

नर्मदा घाटी में संवाद यात्रा का आरंभ जीवन नगर 15 सितंबर। “नर्मदा बचाओ आंदोलन ने सही विकास की नई परिभाषा देश, दुनिया को दी है। एक लोकतांत्रिक, अहिंसक आंदोलन का आदर्श निर्माण किया है। हम नक्सलवाद को नहीं मानते, लेकिन…

नीलेश देसाई : असाधारण कार्य के लिए समर्पित सीधा-सादा व्‍यक्तित्‍व

मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में सन 1987 से भील और भिलाला समुदाय के उत्थान के लिए काम कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश देसाई को वर्ष 2022 के लिए प्रतिष्ठित जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्‍मानित किया गया है। नीलेश को यह…