Year: 2021

शोध अध्ययन : महज 17 प्रतिशत श्रमिक ही जानते है मुफ्त राशन योजना के बारे में

शोध : सेंटर फॉर लेबर रिसर्च एंड एक्शन ने जारी किया सार संक्षेप, श्रमिकों में टीकाकरण को लेकर डर देश में कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच गैर संगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को काम के दिनों का काफी…

क्या अगले 30 साल बाद जीवाश्म ईंधन युग का अंत होना शुरू हो जाएगा ?

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी व्‍दारा जारी नेट ज़ीरो बाय 2050 नामक रिपोर्ट का निष्‍कर्ष जीवाश्म ईंधन पर अंकुश लगाने की अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी देते हुए ऊर्जा क्षेत्र की शीर्ष वैश्विक निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने साफ़…

नागरिकों को अब किस तरह की लहर से लड़ाई के लिए तैयारी करना चाहिए ?

जिन लहरों से हम अब मुख़ातिब होने वाले हैं उनका ‘पीक’ कभी भी शायद इसलिए नहीं आएगा कि वह नागरिक को नागरिक के ख़िलाफ़ खड़ा करने वाली साबित हो सकती है। जो नागरिक अभी व्यवस्था के ख़िलाफ़ खड़ा है वही…

अंतर्राष्‍ट्रीय / लंगड़ी दुनिया की अंधी दौड़

म्यांमार और इस्रायल में इन दिनों जो हो रहा है, उसे किसी दूसरी तरह से समझना संभव ही नहीं है। इसे म्यांमार के तानाशाहों व म्यांमार की जनता का अंदरूनी मामला मान लिया गया है। वहीं फलस्तीन को यह समझना…

बहुराष्‍ट्रीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के दबाव में सरकार मरीजों के अधिकारों से समझौता न करे

जन स्‍वास्‍थ्‍य अभियान ने क्लिनिकल ट्रायल और शर्तों को शिथिल किये बिना अनुमति न देने हेतु की प्रधानमंत्री से मांग spsmedia.in नई दिल्ली, 19. 05. 21। जन स्वास्थ्य अभियान ने फाइजर द्वारा mRNA के टीके की भारत को आपूर्ति के…

हिमालयीय प्राकृतिक असंतुलन की वजह बांधों से बनी झीलों से उत्सर्जित हानिकारक गैसें तो नहीं?

आईआईटी रूड़की के वैज्ञानिकों ने शुरू किया अध्ययन spsmedia.in वैश्विक स्तर पर हुए अध्ययन में यह साबित हुआ है कि पिछले 20 वर्षों में मीथेन, कार्बन डाई ऑक्साइड के मुकाबले जलवायु परिवर्तन में 86 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है।…

विशेष : गांधीजी के आर्थिक विचारों की अहमियत

आज के समय में अर्थ-व्यवस्था को लेकर दिए गए गांधीजी के विचारों की प्रासंगिकता उजागर होने लगी है। अनेक राष्ट्र-प्रमुखों से लगाकर चोटी के अर्थशास्त्रियों तक कई लोग हैं जिन्हें गांधी के आर्थिक विचारों पर भरोसा होने लगा है। इस…

ग्लोबल वार्मिंग को प्रकृति-आधारित समाधानों से 0.1 डिग्री सेल्सियस कम किये जाने की संभावना

‘नेचर’ में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड शोध का विश्‍लेषण हाल ही में ‘नेचर’  में प्रकाशित ऑक्सफोर्ड शोध के मुताबिक ‘नेचर-बेस्ड सॉल्यूशंस’ (NBS) याने प्रकृति-आधारित समाधान इस सदी के अंत तक जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में योगदान कर सकते हैं। शोध विश्लेषण…

क्‍या नए पारिस्थितिक संतुलन की कल्पना नए सामाजिक बदलाव के साथ संभव है ?

हमारे जीवनकाल में ही हमारे सामने आये नैरेटिव नष्ट हो जाते हैं। आज हमारे बीच हज़ारों सालों पुराने, सैकड़ों सालों पुराने, दसियों सालों पुराने और कुछ सालों पुराने सारे युद्ध एक साथ छिड़ गए हैं। धर्म, जाति, नस्ल, रंग, लिंग,…

बेकाबू होता कोरोना : बेहतर स्वास्थ्य का ढांचा वक्त की मांग

कोरोना वायरस से पैदा हुई कोविड-19 बीमारी ने दुनियाभर में कहर ढा रखा है, जबकि इससे बचने-निपटने में एक हद तक आत्मानुशासन, संयम और स्वास्थ्य-सुविधाएं कारगर साबित हो रहे हैं। क्या है, इनकी मौजूदा हालत? भारत समेत दुनिया के कई…