1 मई / अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस कोविड-19 के दौर और एक मई का दिन यानी मजदूर दिवस, हमें इस बात का आईना दिखाता है कि कोविड महामारी के दौर में सबसे ज्यादा अन्याय जिसने सहा वह है हमारा मजदूर वर्ग।…
आपदा के किसी भी दौर में सबसे पहला शिकार बच्चे और उनकी शिक्षा ही होते हैं। कोविड-19 के पिछले साल-सवा साल में भी बच्चों को अचानक पकडा दिए गए मोबाइल या कम्प्यूटर की मार्फत पढाया-लिखाया जा रहा है। क्या भौतिक…
साल-सवा साल के कोविड-19 के दौर ने हमें इतना तो बता ही दिया है कि किसी आपदा से निपट पाने में हम बेहद फिसड्डी हैं। लॉकडाउन, दवाओं, अस्पतालों, ऑक्सीजन आदि जीवन रक्षक जरूरतों की बदइंतजामी ने हजारों लोगों के जीवन…
कहावत है कि ‘फिसल पडे की हर गंगा,’ यानि गलती से फिसल गए तो हर गंगा कहकर डुबकी मार ली और पुण्य कमा लिया। कोविड-19 के दौर में कुछ ऐसा ही हुआ है। बीमारी से बचने की खातिर देशभर में…
कहा जाता है कि जब सत्ता और समाज प्रकृति के जीवनदायी संसाधनों की दुर्दशा की तरफ से मुंह फेर लेते हैं तो उनकी तरफदारी में आध्यात्मिक ताकतें खड़ी होती हैं। गंगा की बदहाली से निपटने और उसकी अविरलता बनाए रखने…
पिछले करीब चालीस सालों से माना जाता रहा है कि नक्सली हिंसा देश की सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती है। लेकिन उसे आज तक समाप्त नहीं किया जा सका है। आए दिन देश की सैनिक और असैनिक आबादी नक्सली मुठभेड़ के…
कोरोना से मौत एक बड़ा झूठ है। इसे सरकार, सरकार समर्थक और सरकार विरोधी मीडिया, पक्ष, विपक्ष और हम सब भी बहुत बार दोहरा रहे हैं। इसी वजह से सच सात तहों के भीतर छुप गया है। जहां से इस…
24 अप्रैल । हिंदी के प्रख्यात जनवादी कथाकार रमेश उपाध्याय हमारे बीच नहीं रहे। वे पिछले कई दिनों से कोविड से संक्रमित थे और एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सारी कोशिशों के बावजूद दिनांक 24 अप्रैल को…
स्मृति शेष : डॉ. सुरेश मिश्र चौरासी साल का एक भरा-पूरा बेहद सम्पन्न जीवन गुजारने वाले सुरेश मिश्र को कैसे याद रखा जा सकता है? उनका एक बड़ा गुण था – सभी के प्रति ढेर सारा स्नेह। यह स्नेह उन…
सामाजिक कार्यकर्ता अम्बरीश राय का अवसान, राइट टू एजुकेशन फोरम के थे संयोजक मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून को लागू करने के लिए चलाए गए आंदोलन के सूत्रधार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अम्बरीश राय का 23 अप्रैल 2021 को सुबह…