Sarvodaya Press Service

सप्रेस सेवा का 63वें वर्ष में प्रवेश : मूल्‍य आधारित पत्रकारिता के नये प्रतिमान गढ़ने की दिशा में पहल जारी

इंदौर ।  1 मई 2022 को सर्वोदय प्रेस सर्विस (सप्रेस) ने अपनी स्‍थापना के 62 वां वर्ष पूर्ण कर 63 वें वर्ष में प्रवेश किया है। इन 6 दशक के सफर में सप्रेस ने हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में मूल्‍यगत…

हमें शर्मिंदा होने की क़तई ज़रूरत नहीं, सबकुछ ऐसे ही चलेगा

नई दिल्ली से कोई बारह हज़ार किलो मीटर दूर एक अश्वेत नागरिक की मौत पर अगर हम चिंतित होना चाहें तो भी कई कारणों से ऐसा नहीं कर पायेंगे। वह इसलिए कि तब हमें अपनी ही पुलिस व्यवस्था, उसके सांप्रदायिक…

सत्यजीत रे : ‘जलसाघर-द म्यूजिक रूम’

कोठी बिल्कुल जर्जर अवस्था में पहुँच चुकी है। सामने खड़े होने पर लगता है कि अपने ही ऊपर गिर पड़ेगी। यहाँ मियाँ बशीरुद्दीन से भेंट होती है। बुजुर्ग हैं। शूटिंग के दिनों के गवाह हैं। कोई महीने भर चली थी।…

अब ‘एक देश, एक पार्टी‘ की ओर बढ़ते कदम ?

जनता को इस समय अपनी जान के मुक़ाबले ज़्यादा चिंता इस बात की भी है कि जैसे-जैसे लॉक डाउन ढीला हो रहा है और किराना सामान की दुकानें खुल रही हैं, सभी तरह के अपराधियों के दफ़्तर और उनके गोदामों…

अद्भुत फिल्मकार सत्यजीत रे का सिनेमाई संसार

दिनेश चौधरी दीगर चीजों के अलावा कोलकाता मुझे इसलिए भी अपनी ओर खींचता रहा कि यहाँ सत्यजीत रे रहा करते थे। कोलकाता अपने किस्म का अद्भुत शहर है और सत्यजीत रे अपने किस्म के अद्भुत फिल्मकार थे। किस्से- कहानियों की…

बीमार मानसिकता, सिर्फ़ ‘अपने’ ही बीमारों की चिंता !

केजरीवाल की चिंता को यूँ भी गढ़ा जा सकता है कि जो दिल्ली के मतदाता हैं और जिनकी सरकार बनाने-बिगाड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है, चिकित्सा सुविधाओं पर हक़ भी उन्हीं का होना चाहिए। उन्हें क़तई नाराज़ नहीं किया जा…

पर्यावरण, धर्म तथा विकास के अन्‍तर्संबंध

डॉ. भारतेन्दु प्रकाश भारत में पर्यावरण व धर्म को अत्यन्त व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया है। इन दोनों की व्यवस्थित समझ से ही विकास संभव है। परंतु आधुनिक योजनाकारों ने इन तीनों की अलग-अलग व्याख्या कर पूरी मानवता को ही…

‘कोविड-19’ में एकांगी अध्यात्म

कोविड-19 के कारण लगे ‘लॉक डाउन’ ने हमारे ‘वस्‍तुओं’ के भौतिक संसार की अपर्याप्‍तता के साथ-साथ आंतरिक, आध्‍यात्मिक संसार के सतहीपन की पोल भी खोल दी है। ऐसे में कई आध्‍यात्मिक कहे जाने वाले लोग अवसाद, डर और दुख को…

कोरोना, लाकडाउन और प्रदेश में बढते संक्रमित मामले

कुमार सिद्धार्थ प्रदेश के हर जिले में कोविड ​​अस्पतालों को सुनिश्चित किये जाने की जरूरत   मध्‍यप्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ये अब तक मध्यप्रदेश के कुल 51 जिलों में अपने…

कोरोना संकटः मध्‍यप्रदेश में कम टेस्टिंग चिंता का विषय

स्‍वास्‍थ्‍य मामलों के जानकारों के मुताबिक कम टेस्टिंग के कारण मध्‍य प्रदेश में कोविड-19 के कम मामले सामने आ रहे हैं। मध्य प्रदेश कोराना टेस्ट करने की क्षमता में अन्य राज्यों से बहुत पीछे है।