nonviolent socialism

सच्चिदाजी : सत्तावन का जज्बा और लीची की मिठास

सच्चिदानंद सिन्हा के निधन के साथ भारतीय समाजवादी चिंतन की एक ऐसी ज्योति बुझ गई है, जिसकी रोशनी पीढ़ियों को दिशा देती रही। मनिका के इस तपस्वी बुद्धिजीवी ने ज्ञान को साधना, गरीबी को संकल्प और लेखन को संघर्ष बनाया।…

सच्चिदानन्द सिन्हा : समाजवादी विचारधारा के जीवंत मशाल

समाजवादी चिंतक और लेखक सच्चिदानन्द सिन्हा का बुधवार को निधन एक युगांतकारी क्षति है। 98 वर्ष की आयु में विदा हुए सच्चिदानन्द बाबू ने अपनी गहन वैचारिक दृष्टि, सादगीपूर्ण जीवन और दो दर्जन से अधिक पुस्तकों के माध्यम से भारतीय…