10 मार्च 2025 को जारी केंद्र सरकार की नई एडवाइजरी ने देश भर के छोटे और मझोले समाचार पत्र-पत्रिकाओं के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। रोज़ाना ऑनलाइन विवरण जमा करने की अनिवार्यता ने जहां बड़े मीडिया समूहों…
नंदिता मिश्र आज हम जिस दुनिया में जी रहे हैं उसमें संचार और सम्पर्क के साधनों की कोई कमी नहीं है। जितना व्यक्तिगत सम्पर्क इस समय हो रहा है, इतना पहले कभी नहीं हुआ होगा। मोबाईल ने तो हमारी दुनिया ही…
बदनावर में पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन बदनावर, 25 जनवरी। पर्यावरण डाइजेस्ट मासिक पत्रिका के प्रकाशन के गौरवशाली 37 साल पूरे होने के अवसर पर बुधवार शाम यहां चंद्रलीला पैलेस में बदनावर नगर परिषद के सहयोग से पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन…
भोपाल, 7 मार्च। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक, ‘रोज़गार और निर्माण’ अख़बार के संपादक प्रो. पुष्पेन्द्रपाल सिंह (prof. pushpendra pal singh) का आज सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। उन्हें रात करीब 12 बजे सीने में दर्द…
एक ठीक दर्शक या पाठक की तरह आंख-कान खोलकर देखें तो अनुसूचित जातियों, जनजातियों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों जैसे तबकों को मीडिया में मिलने वाली नगण्य सी जगहें साफ देखी जा सकती हैं। विडंबना यह है कि हमारी कुल आबादी में ये…
26 जून, 1922 को इन्दौर में जन्मे राहुल बारपुते का ‘जन्म शताब्दी वर्ष’ इन्दौर में मनाया गया। साहित्य, कला, संगीत, वास्तु-शिल्प, नाटक और शिल्पकला के दिग्गजों से राहुलजी की प्रगाढ़ मैत्री थी, लेकिन राहुलजी ने अपने आपको सम्मान पुरस्कार और…
दुनियाभर के मीडिया पर नजर रखने वाले वैश्विक एनजीओ ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ की हाल में आई बीसवीं रिपोर्ट ने भारत में मीडिया के कामकाज को लेकर कई कठिन सवाल खडे कर दिए हैं। सरकार हमेशा की तरह इस रिपोर्ट को…
अख़बारों के पाठकों और राष्ट्रीय (राष्ट्रवादी?) चैनलों की खबरों के प्रति ईमानदारी और विश्वसनीयता के प्रति पाठकों और दर्शकों का भ्रम काफ़ी हद तक टूटकर संदेहों में तब्दील हो चुका है।उनका बचा हुआ भरोसा भी सरकारी इंजीनियरों द्वारा बनवाए जाने…
इंदौर । 1 मई 2022 को सर्वोदय प्रेस सर्विस (सप्रेस) ने अपनी स्थापना के 62 वां वर्ष पूर्ण कर 63 वें वर्ष में प्रवेश किया है। इन 6 दशक के सफर में सप्रेस ने हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में मूल्यगत…
31 वीं पुण्यतिथि वह राजेंद्र माथुर का पहला तार था। छतरपुर जैसे छोटे से कस्बे में किसी नौजवान पत्रकार को नईदुनिया के प्रधान सम्पादक का तार। साइकिल उठाकर पूरे शहर के परिचितों को दिखाता फिरा | वो 1977 के चुनाव…