Mahatma Gandhi

सर्व सेवा संघ का 90वां राष्ट्रीय अधिवेशन पठानकोट में शुरू

पठानकोट, 11 सितंबर। गांधी विचारधारा का राष्ट्रीय संगठन सर्व सेवा संघ (अखिल भारत सर्वोदय मंडल)का 90वां दो दिवसीय अधिवेशन आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर 11 सितम्बर को प्रस्थान आश्रम, पंजाब के पठानकोट में शुरू हुआ। अधिवेशन का उद्घाटन गांधी,…

पवनार आश्रम से ‘जय जगत’ पुकार रहा है विनोबा

विनायक नरहरि भावे यानी विनोबा भावे (11सितंबर 1895-15 नवंबर 1982) की आज 129 वीं जयंती है। आज विनोबा न सिर्फ इसलिए प्रासंगिक हैं कि वे हिंदू धर्म ही नहीं, इस्लाम, ईसाई और अन्य धर्मों के उदार और अप्रतिम व्याख्याकार हैं…

विनोबा भावे : ‘गांधी-विचार’, जैसा मैंने समझा !

11 सितंबर : विनोबा भावे जयंती महात्मा गांधी की आध्यात्मिक, रचनात्मक विरासत सम्भालने वाले विनोबा भावे ने गांधी के जाने के बाद सेवाग्राम (वर्धा) में पूर्व-निर्धारित रचनात्मक कार्यकर्ताओं की राष्ट्रीय बैठक में तो अधिक कुछ नहीं कहा, लेकिन बाद में…

आखिर क्या हैं, बापू की सहज, सरल सीख-सलाहें

तरह-तरह के प्राकृतिक और इंसानी धतकरमों की ‘कृपा’ से दिनों-दिन बदहाल होती दुनिया को बचाने और सही-सलामत रखने की कोशिशें अंतत: महात्मा गांधी के विचारों पर आकर टिकती हैं। आखिर क्या हैं, बापू की सहज, सरल सीख-सलाहें? बता रहे हैं,…

गांधी पुण्‍य स्‍मरण : साकार गांधी,निराकार गांधी!

आज से 76 साल पहले महात्मा गांधी हम सबसे सदा के लिए विदा हुए थे। उनके जाने के बाद का समय हमारे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास का समय रहा है, लेकिन इस दौर में गांधी एक प्रस्थान–बिन्दु की तरह…

गांधी स्‍मरण : संकट में सुध गांधी की

धरती का जीवन बचाने की खातिर वैश्विक जमावडे ‘कॉप 28’ की विफलताओं के सामने अब महात्मा गांधी खडे किए जा रहे हैं और कमाल यह है कि यह पहल मौजूदा संकटों को पैदा करने वाले पश्चिमी समाज की तरफ से…

महात्‍मा गांधी की कला-दृष्टि

राममनोहर लोहिया ने जिन्हें ‘सरकारी’ और ‘मठी’ गांधीवादी कहा था उनमें से अधिकांश ने अपने निजी और सार्वजनिक व्यवहार से गांधी को एक बेहद नीरस, कला विरोधी और मालवी में कहें तो लगभग ‘सूमडा’ की तरह स्थापित किया है। इसके…

चन्नम्मा हल्लिकेरी : एक तपोनिष्ठ विनोबा विचार की साधिका का मौन होना

रमेश भैया कन्नड़ भाषा की विद्वान, देवनागरी लिपि की प्रचारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुश्री चैन्नमा दीदी (94 वर्ष) का 21 दिसंबर 23 को पवनार आश्रम, वर्धा में ह्रदयगति रुक जाने से देहांत हो गया। चैन्‍नमा दीदी कई दिनों से अस्वस्थ…

चुनाव सरकार नहीं, देश को गढ़ने का होना चाहिए

जीत-हार की राजनीति में आकंठ डूबे राजनेता पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनावों में लगे हैं। इसके कुछ महीनों बाद समूचा देश केन्द्र की सत्ता चुनने में लग जाएगा, लेकिन ऐसे में क्या हमारी मौजूदा हालातों पर विचार करना मौजूं…

कबीर की निडरता और गांधी के सत्याग्रह का संदेश देती है ढाई आखर प्रेम पदयात्रा

पटना से फ़िरोज़ ख़ान की रिपोर्ट पटना। ढाई आखर प्रेम राष्ट्रीय सांस्कृतिक जत्था के बिहार पड़ाव ‘बापू के पदचिह्न’ का समापन 14 अक्टूबर को हुआ। राष्ट्रीय स्तर पर ढाई आखर प्रेम पदयात्रा की शुरुआत 28 सितम्बर को अलवर, राजस्थान से…