Mahatma Gandhi

कस्‍तूरबा : गांधी संग बलिदान की अमर स्वर्ण-ज्योति

कस्‍तूरबा केवल महात्मा गांधी की जीवनसंगिनी ही नहीं थीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की एक अद्वितीय,प्रचंड क्रांतिकारी शक्ति भी थीं। उनका जीवन त्याग, निर्भीकता और अनवरत संकल्प का ऐसा ओजस्वी महाकाव्य है, जो प्रत्येक भारतीय के हृदय में प्रेरणा का अखंड दीप प्रज्ज्वलित करता…

कस्तूरबा गांधी 81 वीं पुण्यतिथि : ऐसी थीं, कस्तूरबा

मोहनदास करमचंद गांधी की महात्मा बनने तक की यात्रा में कस्तूरबा की खासी अहमियत रही है। कस्तूरबा वीरता और त्याग में अपने पति से किसी भी प्रकार कम नहीं थीं। गांधीजी ने खुद कहा है कि मैंने अंहिसा-शक्ति कस्तूरबा से…

बड़वानी का 60वां सर्वोदय मेला  : गांधीजी की विरासत को जीवंत रखने का प्रयास

प्रो. आर के जैन “अरिजीत” मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में 12 फ़रवरी की सुबह जब सूरज अपनी स्वर्णिम किरणें बिखेरता है, तब नर्मदा के पावन तट पर एक ऐतिहासिक आयोजन सजीव हो उठता है—सर्वोदय मेला। यह मेला केवल एक वार्षिक उत्सव नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, कस्तूरबा…

विचार : विकल्प के लिए विश्व-सरकार

दुनिया भर के जीवन पर मंडराते जलवायु परिवर्तन और परमाणु हथियारों के खतरों से कैसे निपटा जा सकता है? क्या इसके लिए ‘विश्व-सरकार’ का गठन कारगर हो सकता है? कैसी हो सकती है, ऐसी सरकार? इसी की पड़ताल करता भारत…

आज दुनिया को एक ग्लोबल विलेज की तरह सामूहिक जिम्मेदारी से चलाने की आवश्यकता

‘वर्तमान दौर में शांति और मानव गरिमा’ विषय पर आयोजित जन-संवाद में डॉ. एवलिन ग्रेडा लिंडनर इंदौर, 2 फरवरी। एक व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के रूप में हमें सामूहिक जिम्मेदारी से गरिमामय वैश्विक सहयोग की ओर बढ़ना होगा। दुनिया को…

मोहन हिराबाई हिरालाल: ग्राम स्वराज के प्रेरणास्रोत

स्‍मृति शेष गांधीवादी और वन अधिकार कार्यकर्ता मोहन हीराबाई हीरालाल का 23 जनवरी 25 को नागपुर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे गढ़चिरौली जिले के लेखा-मेंढा गांव में ‘मावा नाटे मावा राज’ आंदोलन के स्तंभ थे। गांधी-विनोबा के…

गांधी का अस्पताल : प्राकृतिक चिकित्सा का तीर्थ-उरली-कांचन

गांधी के लिए आजादी का मतलब सर्वांगीण बदलाव था। इस मान्यता की एक बानगी महाराष्ट्र में पुणे के पास उरली-कांचन में उनके द्वारा बहुत जतन से स्थापित प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र है जहां अनेक कष्ट-साध्य बीमारियों का खुद महात्मा गांधी की…

Shyam Benegal : फिल्म के व्याकरण को बदलने वाले

इसी हफ्ते की शुरुआत में श्याम बेनेगल का सदा के लिए विदा होना हमारे दौर के एक ऐसे युग की समाप्ति का संकेत है जिसने आजादी के बाद बनते देश की जद्दो-जेहद को अपनी फिल्मों के जरिए उजागर किया था।…

सर्व सेवा संघ परिसर के पुनर्निर्माण पर 100 दिन के सत्याग्रह का 19 दिसंंबर को होगा समापन

राजघाट पर जुटने लगे हैं देश भर के गांधीजन और सामाजिक कार्यकर्ता वाराणसी, 18 दिसंबर। राजघाट वाराणसी स्थित सर्व सेवा संघ परिसर के पुनर्निर्माण के संकल्प के साथ विनोबा जयंती, 11 सितंबर 2024 से प्रारंभ 100 दिन का सत्याग्रह- न्याय…

बुलडोजर न तो कानून है, न कोर्ट है और न संविधान है : मेधा पाटकर

सर्व सेवा संघ के परिसर को जमींदोज करने के खिलाफ चल रहा सौ दिनी सत्याग्रह के 89वें दिन पूर्ण वाराणसी, 8 दिसंबर। सर्व सेवा संघ के राजघाट परिसर को वाराणसी एवं नॉर्दर्न रेलवे द्वारा षडयंत्र पूर्वक कब्जा कर अधिकांश भवनों…